गोकशी करने वाले चार दोषियों को एसीजेएम रविशंकर मिश्रा ने तीन-तीन वर्ष का कारावास और पांच-पांच हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। शासकीय अधिवक्ता विनय कुमार गुप्ता ने बताया कि वादी एसआई वाईके शर्मा ने थाना रानीपुर में 2008 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें उन्होंने बताया था कि 28 जनवरी 2008 को वह कांस्टेबल संजय बलूनी, सुनील सत्यपाल सिंह, राजमोहन और सौरभ के साथ गश्त पर थे।
मुखबिर ने सूचना दी कि सलेमपुर में गुलफाम पुत्र मोमिन के घर पर गाय काटी जा रही है। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने ग्राम सलेमपुर महदूद में बताए गए मकान पर छापा मारा तो वहां पर चार व्यक्ति गोकशी कर रहे थे। पुलिस ने मौके से गुलफाम पुत्र मोमिन को पकड़ा और तीन अन्य दीवार फांदकर मौके से फरार हो गए थ। बाद में पुलिस ने गुलफाम पुत्र मोमिन, शहादत पुत्र शराफत, रिजवान पुत्र मोमिन, पीरु पुत्र गफूर निवासीगण ग्राम सलेमपुर महदूद थाना रानीपुर को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था।
जहां से उन्हें जेल भेज दिया था। न्यायालय में मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन अधिकारी विनय गुप्ता की ओर से छह गवाह पेश किए गए। दोनों पक्षों के साक्ष्यों और दलीलों को सुनने के बाद एसीजेएम रविशंकर मिश्रा ने आरोपी गुलफाम, शहादत, रिजवान और पीरु को गोवंश संरक्षण अधिनियम की धाराओं के अंतर्गत दोषी पाते हुए तीन-तीन वर्ष के कारावास तथा पांच पांच हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।