भारत साधु समाज की प्रदेश कार्यकारिणी घोषित कर दी गई है। 10 सदस्यीय कार्यकारिणी में श्रीमहंत देवानंद सरस्वती को अध्यक्ष बनाया गया है। श्रीजयराम आश्रम में हुई बैठक में राष्ट्रीय प्रवक्ता स्वामी विवेकानंद सरस्वती ने प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा की। उन्होंने बताया कि श्रीमहंत देवानंद सरस्वती को प्रदेश अध्यक्ष, स्वामी सत्यव्रतानन्द को कार्यकारी अध्यक्ष, श्रीमहंत विनोद गिरि को उपाध्यक्ष, सतपाल ब्रह्मचारी को महामंत्री, स्वामी कमलेशानंद सरस्वती को मंत्री, श्रीमहंत साधनानंद ब्रह्मचारी को संगठन मंत्री, श्रीमहंत रविन्द्रानंद सरस्वती को प्रवक्ता, स्वामी योगेश्वरानंद सरस्वती को कोषाध्यक्ष, स्वामी कमलेशानंद को संयुक्त महामंत्री और स्वामी ललितानंद गिरि को प्रचार मंत्री बनाया गया है।
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष स्वामी ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी ने नवगठित कार्यकारिणी का स्वागत करते हुए शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि संत समाज को एकजुट कर नशा मुक्ति, ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’, गौ सवंर्द्धन, गंगा स्वच्छता, संस्कृत शिक्षा के प्रचार प्रसार आदि मुद्दों पर प्रभावी ढंग से काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हरिद्वार में होने वाले महाकुंभ को सकुशल संपन्न कराने के लिए भारत साधु समाज पूरा सहयोग करेगा। नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष श्रीमहंत देवानन्द सरस्वती ने कहा कि धर्म और संस्कृति का संरक्षण और संवर्द्धन भारत साधु समाज का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के नेतृत्व में संत समाज को एकजुट कर सनातन धर्म पर हो रहे कुठाराघात के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा।
स्वामी ऋषिश्वरानंद ने कार्यकारिणी को बताया फर्जी
भारत साधु समाज के पूर्व राष्ट्रीय प्रवक्ता स्वामी ऋषिश्वरानंद ने संगठन की नवगठित प्रदेश कार्यकारिणी को नियम विरूद्ध बताते हुए कहा कि स्वयं पदों के नाम की घोषणा कुछ लोग कर रहे हैं। पूरी तरह से नियम विरूद्ध घोषणा की जा रही है। राष्ट्रीय महामंत्री स्वामी हरिनारायणानंद अस्वस्थ हैं। ऐसे में बिना चुनाव के ही पदों की घोषणा करना गलत है। उन्होंने कहा कि पूर्व पदाधिकारियों से कोई चर्चा नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि भारत साधु समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगद्गुरु स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के हरिद्वार से जाने के अगले ही दिन कार्यकारिणी की घोषणा की गई है। इसके लिए वे न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे।