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पांच और बारहसिंगा पर लगेंगे ट्रैकिंग कॉलर

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ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
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वन विभाग ने झिलमिल झील कंजरवेशन रिजर्व में बारह सिंगों के मार्ग को ट्रेक करने की योजना तैयार की है। इसके लिए पांच बारहसिंगों पर ट्रेकिंग कॉलर लगाया जाएगा। जिससे इनके हरिद्वार से लेकर हस्तिनापुर जाने तक के पूरे मार्ग का पता चलेगा। जो बारहसिंगा के संरक्षण में लाभकारी सिद्ध होगा।
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देशभर में दलदलीय बारहसिंगा असम के काजीरंगा नेशनल पार्क, उत्तर प्रदेश की हस्तिनापुर सेंचुरी और हरिद्वार के झिलमिल झील कंजरवेशन रिजर्व में पाए जाते हैं। हरिद्वार और हस्तिनापुर सेंचरी का वन क्षेत्र आपस में जुड़ा हुआ है। हरिद्वार में झिलमिल झील दलदलीय बारहसिंगा का मुख्य प्रवास स्थल है। झिलमिल झील से चलते हुए बारहसिंगा हस्तिनापुर तक ही जाते हैं। बच्चे को जन्म देने के बाद वापस झिलमिल झील आ जाते हैं। इसलिए हस्तिनापुर में बारहसिंगा के अस्तित्व को बचाने के लिए हरिद्वार में बारहसिंगा का क्षेत्र बचाए रखना बेहद जरूरी है। हरिद्वार से हस्तिनापुर तक के बारहसिंगा के पूरे मार्ग को जानने के लिए वन विभाग ने दो बारहसिंगा पर ट्रेकिंग कॉलर लगाए थे। कुछ दूर जाकर दोनों बारहसिंगा अलग-अलग दिशाओं में जा रहे हैं और हस्तिनापुर तक का सफर तय किए बिना ही वापस झिलमिल झील लौट रहे हैं। जिस कारण वन विभाग को मार्ग के बारे में सटीक जानकारी नहीं मिल पा रही है। बारहसिंगा के हस्तिनापुर तक के पूरे मार्ग को जानने के लिए वन विभाग ने पांच और बारहसिंगा पर ट्रेकिंग कॉलर लगाने का निर्णय लिया है। डीएफओ आकाश वर्मा ने बताया कि जल्द पांच और बारहसिंगा पर ट्रैकिंग कॉलर लगाए जाएंगे।
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