ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
मुंबई में बीएमसी के नायर अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में रेजिडेंट डॉक्टर पायल तड़वी को आत्महत्या करने के लिए मजबूर करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर अनुसूचित जाति के युवाओं ने कैंडल मार्च निकाला। युवाओं का कहना है कि मेडिकल की छात्रा को जाति सूचक शब्द कहर अपमानित किया जाता था।
मंगलवार की शाम को सुनील कड़च्छ के नेतृत्व में अनुसूचित जाति के युवा भगत सिंह चौक पर एकत्रित हुए। सुनील कुमार ने कहा कि मुंबई में सीनियर डॉक्टर आदिवासी होने की वजह से पायल का मजाक उड़ाते थे और उसे जातिसूचक शब्द कहते थे। जिससे आहत होकर समाज की एक होनहार डॉक्टर को आत्महत्या करने को मजबूर होना पड़ा। उन्होंने आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई। इस दौरान युवाओं ने भगत सिंह चौक से चंद्राचार्य चौक तक कैंडल मार्च निकाला। इस मौके पर अश्वनी कुमार, सुनील कुमार, सोनू दाबड़े, विकास बोहरा, अरुण, हर्ष, आशीष, रोहित, अंकुश कुमार, विक्की कोरी, सुरेंद्र गोलिया, मांगेराम, सुबोध, अंकित, राहुल, सूरज पालीवाल, गगन, नितिन पोखरियाल, शादाब, विरेंद्र, अंग्रेज सिंह, अमित आदि शामिल रहे।