हरिद्वार। किसी स्नान पर्व की गणना करें तो तीन जून को पड़ने वाला सोमवती अमावस्या का स्नान इस वर्ष का सबसे बड़ा स्नान पर्व होगा। इस बार अमावस्या पर अनेक पर्व एक साथ पड़ रहे हैं। जून का महीना यात्रियों से खचाखच भरा महीना होता है। इस दिन भी भीड़ पुराने कईं रिकॉर्ड तोड़ सकती है।
सोमवती अमावस्या का स्नान ऐसा पर्व है, जो भले ही किसी महीने में आए, फीका नहीं पड़ता। हरिद्वार में गंगा दशहरा और कभी भी पड़ जाने वाली सोमवती अमावस्या साल के सबसे बड़े स्नान पर्वों में शामिल हैं। जिस प्रकार वर्ष की कांवड़ यात्रा सबसे बड़ी यात्रा है, उसी प्रकार सोमवती अमावस्या है। गौरतलब है कि जून के महीने में हरिद्वार की भीड़ पहले ही साल के सभी महीनों को पीछे छोड़ती आई है। इस महीने जहां टूरिस्ट बड़ी संख्या में आते हैं, वहीं शिक्षण संस्थाओं में अवकाश हो जाने के कारण बच्चों को लेकर भी लोग पहुंचते हैं। जून में चारधाम यात्रा भी चरम पर चलती है। खास बात यह है कि पवित्र ज्येष्ठ मास में शनि जयंती, रोहिणी व्रत, वट सवित्री व्रत और भावुका पर्व भी इसी दिन पड़ रहे हैं। ऐसे में यह भी संभव है कि यह स्नान सोमवती अमावस्या की भीड़ का रिकॉर्ड भी तोड़ दे।
तीन जून सोमवार को ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की सोमवती अमावस्या प्रमान योग तथा रोहिणी नक्षत्र में पड़ रही है। इस योग और नक्षत्र का मिलन दुर्लभ माना गया है। चंद्रमा इसी दिन वृष राशि में प्रवेश करेंगे। भगवान सूर्यनारायण उत्तरार्ध के चलते इस समय स्वयं भी वृष राशि में हैं। सूर्य और चंद्रमा का एक ही राशि में होनेे स्वयं भी ज्योतिष की दृष्टि से महायोग है।