ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
शंकराचार्य चौक से पुल जटवाड़ा तक 22 करोड़ से अधिक की लागत से कांवड़ पटरी के सौंदर्यीकरण का काम अधर में लटका है। जिस काम को जुलाई 2017 में पूरा होना था वह दो साल बाद भी पूरा होता नहीं दिख रहा।
एशियन डेवलपमेंट बैंक सहायतित पर्यटन संरचना विकास निवेश कार्यक्रम के तहत 22 करोड़ 38 लाख 25 हजार 675 रुपये की लागत से छह किलोमीटर लंबी कांवड़ पटरी के सौंदर्यीकरण का काम 19 सितंबर 2015 में शुरू किया गया था। जिसे 21 जुलाई 2017 को पूरा होना था। योजना के अंतर्गत नहर किनारे पैराफिट, बैठने के लिए बैंच, पथ प्रकाश के लिए सोलर स्ट्रीट लाइट, पौधरोपण करने सहित कई अन्य कार्य किए जाने थे। दो करोड़ से अधिक की लागत से गुरुकुल महाविद्यालय के समीप मल्टीफैसिलिटी सेंटर का निर्माण कराया जा रहा है। जिसमें कैंटीन, वेटिंग हॉल, शौचालय आदि की सुविधा होगी। बीते वर्ष कांवड़ के दौरान भी जिलाधिकारी ने काम जल्द पूरा करने के निर्देश दिए थे, लेकिन अभी तक न तो कांवड़ पटरी का कार्य पूरा हुआ है और न ही मल्टीफैसिलिटी सेंटर बन पाया है। कांवड़ पटर पर पौधा रोपण तक नहीं किया गया है और झाड़ियां उग गई हैं।
कांवड़ पटरी से संबंधित कई शिकायतें आ रही हैं। जल्द मार्ग का निरीक्षण कर एडीबी के परियोजना प्रबंधक को जल्द कार्य करने के लिए पत्राचार किया जाएगा।
- सीमा नौटियाल, जिला पर्यटन अधिकारी, हरिद्वार