पंचपुरी के नाम से मशहूर धनौरी और बहादराबाद क्षेत्र के पांच गांवों में दलित मुस्लिम गठजोड़ का खासा असर दिखाई दिया। इस मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र में मतदाताओं का उत्साह सुबह से ही मतदान के प्रति बढ़ा हुआ दिखाई दे रहा था। देर शाम तक भी मतदान केंद्रों पर भारी भीड़ लगी रही।
पथरी रौ से आन्नेकी के बीच के पांच गांवों में कुतुबपुर, राजपुर, गढ़, मीरपुर और पूरणपुर को पंचपुरी के नाम से जाना जाता है। यह क्षेत्र अन्य जातियों के साथ ही मुस्लिम बाहुल्य है। भाजपा ने मतदाताओं के हिसाब से पिछले एक दशक में तेजी से यहां बढ़त बनाई है। पिछले लोकसभा चुनावों में यहां भाजपा की लहर का काफी असर दिखा था। इस बार चुनाव के पहले चरण से ही यहां इस बात पर लोगों की नजर लगी हुई थी कि क्या भाजपा की लहर इस बार भी कायम रह पाती है।
बृहस्पतिवार को सुबह से ही इस क्षेत्र के मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की भारी भीड़ उमड़ने लगी थी। दिन चढ़ने के साथ ही मतदान का प्रतिशत भी बढ़ता रहा। लगभग सभी क्षेत्रों में दलित मुस्लिम फैक्टर का असर काफी प्रभावी दिखाई दिया। इस वोट बैंक पर मुख्य रूप से कांग्रेस और बसपा दोनों ही दावा कर रहे हैं। परिणाम क्या रहेगा यह तो 23 मई को ही पता चलेगा दलित मुस्लिम गठजोड़ से बसपा और कांग्रेस दोनों ही दलों के कार्यकर्ताओं के चेहरे खिले दिखे। हालांकि भाजपा कार्यकर्ताओं ने अपने प्रत्याशी की जीत का दावा किया है।