ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
माघ पूर्णिमा के अवसर पर देश के कई राज्यों से आए श्रद्धालुओं ने पवित्र गंगा में डुबकी लगाई। गंगा के नीयत घाटों पर कई धार्मिक कर्मकांड संपन्न कराए गए। इसी के साथ पवित्र माघ मास का समापन हो गया है।
गंगा नहाने के लिए मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश, दिल्ली और राजस्थान के श्रद्धालु गंगा तट पर पहुंचे। पूर्णिमा का स्नान सूर्योदय के साथ प्रारंभ हो गया था और दोपहर बाद तक चलता रहा। पूर्णिमा व्रतधारियों ने बारहमासी स्नान के उद्यापन आदि किए। कुशावर्त घाट पर यज्ञोपवीत, मुंडन, कर्ण छेदन आदि संस्कार कराने के लिए पर्वतीय अंचलों से श्रद्धालुुओं का आगमन हुआ। अलबत्ता इस बार भी प्रयाग अर्द्धकुंभ स्नान के कारण हरिद्वार में स्नानार्थियों की भीड़ एक बार फिर से कम रही। स्नान के उपरांत श्रद्धालुओं ने उगते सूर्य को अर्घ्य प्रदान किया और माघ मास समापन पुण्य कथा का श्रवण किया। अनेक मंदिरों में जाकर पूर्णिमा व्रतधारियों ने भगवान लक्ष्मी नारायण का दर्शन किया। कुशावर्त और नारायाणी शिला पर देव पितृकर्म करने के लिए कइ राज्यों के लिए श्रद्धालु उपस्थित रहे। श्रद्धालुुओं ने सायंकाल हर की पैडी ब्रह्मकुंड जाकर मां गंगा की आरती में भाग लिया। इसी के साथ माघ मास में पड़ने वाले सभी तिल पर्वों का समापन हो गया।