अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
मनरेगा मजदूर अब रोजीरोटी कमाने के साथ ही पढ़ाई भी करेेंगे। जिला प्रशासन की ओर से इन्हें शिक्षित करने की योजना को अमलीजामा पहनाने की कवायद शुरू की गई है। सीडीओ स्वाति भदौरिया ने बताया कि मनरेगा मजदूरों केा शिक्षित करने की जिम्मेदारी ग्राम रोजगार सेवकों व वीएलई को सौंपी गई है।
ग्राम्य विकास विभाग के आंकड़ों पर नजर डालें तो जिले में एक लाख 40 हजार जॉब कार्ड धारक हैं जिसमें 83000 सक्रिय जॉब कार्ड धारक हैं। ज्यादातर अशिक्षित हैं, लेकिन अब इन मनरेगा मजदूरों को शिक्षित करने की योजना बनाई गई है। मुख्य विकास अधिकारी स्वाति भदौरिया ने बताया कि इन मजदूरों को ग्राम रोजगार सेवकों के जरिये शिक्षित किया जाएगा। योजना को धरातल पर उतारने के लिए सभी ग्राम पंचायतों को ब्लैक बोर्ड समेत तमाम शैक्षिक सुविधाएं मुहैया कराई जा रही है। इस संबंध में सभी खंड विकास अधिकारियों व ग्राम विकास अधिकारियों को भी दिशा निर्देश जारी किए जा चुके ह्रैं। मुख्य विकास अधिकारी के मुताबिक इन मजदूरों को इतना पढ़ा दिया जाएगा कि वे कम से कम हस्ताक्षर करने के साथ ही अक्षर ज्ञान कर सकें। उल्लेखनीय है कि मुख्य विकास अधिकारी स्वाति भदौरिया ने पिछले दिनों पीएम मोदी के समक्ष दिल्ली में मनरेगा मजदूरों केा शिक्षित करने का प्रेजेंटेशन दिया था जिसकी पीएम मोदी ने जमकर सराहना करने के साथ ही कार्यक्रम में शामिल बाकी जिलाधिकारियों को भी इसे अपने अपने जिलों में लागू करने की बात कही थी।