अब उन्होंने दो महीने की कड़ी मेहनत के बाद इलेक्ट्रॉनिक कार बनाई है। बताया कि यह कार बैटरी से चलती है, जिसकी लंबाई लगभग 5 फीट 5 इंच और चौड़ाई लगभग 2 फीट 5 इंच व ऊंचाई 4 फीट 6 इंच है। इसमें एलईडी लाइट, इंडीकेटर, हॉर्न, शीशा तो लगा ही है।
सामान्य कारों की तरह ही यह चाबी से ही ऑन और ऑफ होती है। रिवर्स और फॉरवर्ड की तमाम सुविधा हैं। कन्हैया के अनुसार कार में 230 वाट की चार बैटरी लगाई गई हैं, जिनकी क्षमता लगभग 920 वाट की है। गाड़ी की बॉडी का डिजाइन प्लाइवुड से किया गया है।
बताया कि उन्होंने यह सारी सामग्री अपनी पॉकेट मनी बचाने के साथ ही अपने नाना रोशनलाल प्रजापति और मामा दीपक प्रजापति के उपलब्ध कराए गए पैसों से जुटाई है। बताया कि वह एक बेहतर वैज्ञानिक बनकर देश की सेवा करना चाहते हैं। कन्हैया ने जब अपनी कार को सड़क पर उतारकर उसका डेमो किया तो सभी देखते रह गए।
उनके नाना रोशनलाल, मामा दीपक कुमार, क्षेत्र के समाजसेवी मनोज निषाद आदि ने कहा कि बच्चे की प्रतिभा पर उन्हें नाज है। वे उसे आगे बढ़ने के लिए हरसंभव सहयोग प्रदान करेंगे। इससे पहले बीते दशहरे पर कन्हैया ने रावण का बड़ा पुतला बनाया था। इसके लिए उन्हें भीमगोड़ा रामलीला समिति की ओर से सम्मानित भी किया गया था।