- सब वे श्रेणी से भी संकरे इस फ्लाईओवर पर जबरदस्ती प्लास्टिक के डिवाइडर लगाए गए।
- कुछ दिन बाद सेफ्टी वॉल पर जाल लगाए गए, ताकि कोई दुर्घटना न हो।
- चेतावनी के लिए लाइट भी लगाई गई, जो आए दिन खराब रहती है।
- पिछले साल यहां 17 जगह मल्टीपल स्पीड ब्रेकर लगाए गए।
- विरोध हुआ तो आधे स्पीड ब्रेकरों को तोड़ा गया।
- फ्लाईओवर से कोई टर्न न ले इसके लिए प्लास्टिक डिवाइडरों को आगे तक बढ़ाया गया।
हादसे के बाद ही याद आता है फ्लाईओवर
सरकारी विभागों का भी अजब हाल है। फ्लाईओवर पर जब कोई हादसा होता है तभी इसकी याद आती है। उसी के बाद यहां कुछ प्रयोग किए जाते हैं। लेकिन, इसके बाद न तो प्रशासन को और न ही शासन को। किसी को इसकी याद नहीं आती है।