अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
इमामबाड़ा अहबाबनगर में अंजुमन फरोग-ए-अजा के सौजन्य से मौला अली का जन्मदिवस शिया व सुन्नी हजरात ने मिल जुलकर हर्षोल्लास के साथ मनाया। जश्न की अध्यक्षता जनाब मियां फरीद आलम साबरी साहब ने की। जश्न में हरिद्वार व देश के जाने माने शायरों ने मौला अली की शान में कलाम पेश कर समां बांधा।
जश्न की शुरूआत जनाब हाफिज ईनाम साहब ने कुरान पढ़कर की। सहारनपुर से आए मौलाना शाकिर ने मौला अली के बारे में बताया कि वह हर समय मोहम्मद पैगंम्बर साहब के साथ रहते थे। मौला अली से सच्चे दिल से की गई मुरादें कभी खाली नहीं जाती। मौला अली ने हमेशा बड़ी सादगी के साथ अपना जीवन बिताया। हर समाज के लोग अपनी फरियाद लेकर उनके पास पहुंचते थे। उन्होंने इंसानियत का पैगाम दुनिया में फैलाया और उनका मकसद इंसानों की मदद करना था। अंजुमन फरोग-ए-अजा के अध्यक्ष हैदर नकवी ने कहा कि इस्लाम धर्म सदैव ही इंसानियत का पैगाम देता चला आ रहा है। मुल्क में अमनचैन बना रहे इसको लेकर मुस्लिम समाज भरपूर कोशिशें करता है। कहा कि युवाओं को इस्लाम के पदचिह्नों पर चलने की आवश्यकता है। बुराइयों को जड़ से समाप्त करते हुए देश की तरक्की में अपना सहयोग करना चाहिए। मौला अली के जन्मदिवस पर मुस्लिम समाज के सभी लोगों ने मुल्क के अमनचैन की दुआएं मांगी। उस्मान खान ने जश्न में कलाम पेश करने वालों को पुरस्कृत भी किया। जश्न का संचालन लखनऊ से आए सागर जैदी ने किया। जश्न में कलाम पेश करने वाले नौशाद अली, सलीम सिद्दकी, हाफिज राव इनाम, अखलाक अंजुम, हाजी नसीम, आलम सैफी, नवाब हैदर, फैजान मंगलौरी, जकी काजमी देहलवी, शाकिर ननौतवी, असद अब्बास, तकी काजमी के अलावा जश्न में शामिल होने वालों में उस्मान खान, गुलफराज, गयास मंसूरी, मशरूर हामिद, मुर्तजा हुसैन, नियाजी, फिरोज जैदी, शमशाद अली, सज्जाद असगर नकवी, हसनैन साबरी, इरफान, फारूख, इस्लाम आदि शामिल रहे।