अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
हाईवे चौड़ीकरण में देरी तथा हादसों का मामला उत्तराखंड मानवाधिकार आयोग में पहुंच गया है। आयोग ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के प्रोजेक्ट डायरेक्टर को बुधवार को हाईवे निर्माण की स्टेट्स रिपोर्ट के साथ तलब किया है।
आयोग में इस प्रकरण को सामाजिक कार्यकर्ता रमेश चंद्र शर्मा लेकर गए हैं। उनकी अपील पर मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति जगदीश भल्ला एवं सदस्य डा. हेमलता ढौंडियाल ने प्रोजेक्ट डायरेक्टर को नोटिस जारी किया है। अपीलकर्ता का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग 58 तथा 72 के चौड़ीकरण का कार्य वर्ष 2009 से चल रहा है। जिसमें पांच साल का विलंब हो चुुका है और सैकड़ों लोग उबड़-खाबड़ हाईवे पर जान गंवा चुके हैं। बड़ी संख्या में लोगों के हाथ-पैर टूट चुके हैं। हाईवे चौड़ीकरण के लिए अधिग्रहीत भूमि को अभी तक खाली नहीं कराया गया है। कहा कि राजनीति दबाव में अतिक्रमण नहीं हटाया जा रहा है। जिलाधिकारी हरिद्वार व देहरादून सहित भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के आठ अधिकारियों को प्रतिवादी बनाया गया है। आयोग ने पहली सुनवाई में प्रोजेक्ट डायरेक्टर को भी हाईवे निर्माण की स्टेट्स रिपोर्ट के साथ हाजिर होने का नोटिस भेजा है।