देश को बॉक्सिंग का पहला अंतर्राष्ट्रीय पदक दिलाने वाले हरि सिंह थापा पर आखिर खेल विभाग और प्रदेश सरकार जाग ही गई। बॉक्सिंग के पितामह माने जाने वाले थापा को पहले देवभूमि उत्तराखंड द्रोणाचार्य अवार्ड से नवाजा जाएगा।
सरकारी बेरुखी का खुलासा
हरि सिंह थापा अपने ही राज्य में गुमनामी की जिंदगी बसर कर रहे थे। अमर उजाला ने 21 अक्तूबर के अंक में ‘अपनों से मात खा रहे बॉक्सिंग के पितामह’ शीर्षक से प्रकाशित खबर में सरकारी बेरुखी का खुलासा किया था।
इसके बाद खेल विभाग ने पिथौरागढ़ के नैनी सैनी गांव निवासी थापा की सुध लेकर उनके सम्मान की घोषणा की है। उप निदेशक खेल अजय अग्रवाल ने कहा कि हरि सिंह थापा महान खिलाड़ी हैं, उनके रिकार्ड को देखते हुए उन्हें यह सम्मान दिया जा रहा है। नौ नवंबर को राज्य स्थापना दिवस पर थापा को यह सम्मान दिया जाएगा।
थापा ने इन्हें गढ़ा
अर्जुन अवार्डी पद्म बहादुर मल्ल, पद्मश्री हवा सिंह, द्रोणाचार्य अवार्डी ओमप्रकाश भारद्वाज, एमके राय, एसके राय, एमएल विश्वकर्मा, डा. धर्मेंद्र भट्ट, भास्कर भट्ट, राजेंद्र सिंह, जगजीवन सिंह, सीएल वर्मा, किशन सिंह, प्रकाश थापा, संतोष भट्ट, ललित नेगी, कल्याण सिंह, बलबीर चंद, योगेंद्र सिंह वल्दिया आदि