राज्यपाल डॉ. कृष्णकांत पाल ने शनिवार को सचिवालय में आला नौकरशाहों, सभी जिलाधिकारियों, पुलिस अधीक्षकों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर समीक्षा की।
राज्यपाल ने डॉ. भीमराव अंबेडकर की 125 वीं जयंती के अवसर पर 14 से 24 अप्रैल तक केंद्र के निर्देश पर भारत उदय कार्यक्रम के संदर्भ में पंचायतीराज विभाग को विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने इस कार्यक्रम को सामाजिक सद्भाव की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि ग्राम पंचायतों के साथ ही राज्य स्तर पर सामाजिक सद्भाव की अवधारणा पर आधारित कार्यक्रम आयोजित किए जाएं।
जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दें अधिकारी
तीन घंटे से भी अधिक समय तक चली वीडियो कांफ्रेंसिंग में राज्यपाल ने अधिकारियों को जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने, क्षेत्र भ्रमण कर आमजन की समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण करने के निर्देश दिए। कहा कि पारदर्शी, संवेदनशील, कार्यकुशल और ईमानदार व्यवस्था सुनिश्चित होने से जनता का सरकारी व्यवस्था पर विश्वास बढ़ेगा।
आमआदमी को मामूली समस्याओं के लिए देहरादून न आना पड़े, इसके लिए आवश्यक है कि क्षेत्र भ्रमण के दौरान ही उनका समाधान हो जाए।
20 दिन में जन शिकायतों का निराकरण के राज्यपाल ने दिए निर्देश
वीडियो कांफ्रेंसिंग
- फोटो : amar ujala
राज्यपाल ने भूअभिलेखों के डिजिटलाइजेशन पर विशेष बल देते हुए जन शिकायत निवारण तंत्र को और अधिक विकसित करने पर जोर दिया है। उन्होंने समाधान पोर्टल में जन शिकायतों के निवारण के लिए निर्धारित समय सीमा को 30 दिन से घटाकर 20 दिन कर दिया है।
साथ ही राज्य खाद्य सुरक्षा के तहत राशन कार्डों का डिजिटलाइजेशन सुनिश्चित करने व सामाजिक सुरक्षा से संबंधित पेंशन और छात्रवृत्तियों को ऑनलाइन करते हुए इसे आधार नंबर से लिंक करने की बात कही है।
जिलों में गठित हो क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप
राज्यपाल ने गर्मी के दौरान वनों में लगने वाली आग की घटनाओं की रोकथाम में स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग और सहभागिता को जरूरी बताया है।
राज्यपाल ने कहा कि वनाग्नि की घटनाओं में कमी लाने के लिए जन जागरूकता अभियान चलाया जाए। वाहन दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए नशे में ड्राइविंग, ओवरलोडिंग पर सतत नजर रखने और प्रत्येक जिले में ‘क्राइसिस मेनेजमेंट’ को जरूरी बताया।
चारधाम यात्रा तैयारियों की ली जानकारी
वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान राज्यपाल ने चारधाम यात्रा की तैयारियों की भी जानकारी ली। उन्होंने सभी संबंधित जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि यात्रा शुरू होने से पहले ही व्यवस्थाएं पूरी कर ली जाए।
सड़कों के सुधारीकरण, दुर्घटना संभावित स्थलों के उपचार, संचार नेटवर्क में सुधार, पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता के साथ ही खाद्यान्न, केरोसिन, दवाइयां आदि आवश्यक वस्तुओं के स्टॉक सहित सभी आवश्यक तैयारियां समय पर सुनिश्चित कर ली जाए, ताकि ऐन मौके पर किसी भी प्रकार की दिक्कत न हो।
सूखे और पेयजल संकट से निपटने पर जोर
राज्यपाल ने सूखे के दृष्टिगत गर्मियों में पेयजल की व्यवस्था को विशेष प्राथमिकता देने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी जिलाधिकारी उन तमाम स्थलों को चिह्नित कर लें, जहां टैंकरों व अन्य वैकल्पिक साधनों से पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था की जानी है। इसके लिए आवश्यक धनराशि का आंकलन कर शासन को प्रेषित करें।
अवैध खनन संबंधी रिपोर्ट तलब
वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान राज्यपाल ने राज्य के विभिन्न इलाकों में होने वाले अवैध खनन पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने अवैध खनन रोकने के लिए पुलिस-प्रशासन द्वारा संयुक्त रूप से लगातार छापामार कार्रवाई सुनिश्चित करने और पकड़ी गई गाड़ियों, आरोपियों, वसूल की गई जुर्माना राशि सहित पूरा ब्यौरा शासन में भेजने के निर्देश दिए। राज्यपाल ने जिलाधिकारी देहरादून को ईएसआईसी द्वारा देहरादून में मंजूर किए गए मल्टी स्पेशलिस्ट अस्पताल के लिए आवश्यक भूमि की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।