एक दरिंदे ने आठ वर्षीय बालिका को हवस का शिकार बनाने का प्रयास किया लेकिन बहादुर बालिका ने जमकर मुकाबला कर दरिंदे के नापाक इरादों को विफल कर दिया।
खुद को बचाने के प्रयास में वह बुरी तरह जख्मी भी हो गई। उसका शोर सुन आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और दरिंदे की धुनाई कर उसे पुलिस को सौंप दिया।
घायल बालिका को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल चिकित्सकों ने बालिका की स्लाइड लेकर जांच के लिए भेज दी है। पुलिस ने रेप के प्रयास की आशंका जताई है।
एसएसआई एचबी सेन के मुताबिक क्षेत्र के एक गांव में सरकारी विद्यालय में पांचवीं में पढ़ने वाली एक छात्रा (8) रविवार सुबह भैंस को लेकर खेतों में गई थी तो वहां भरतपुर (थाना न्यूरिया, पीलीभीत) निवासी सपन घोष नाम के व्यक्ति ने उसे अपनी हवस का शिकार बनाने की कोशिश की।
लेकिन बालिका दरिंदे से भिड़ गई। इस दौरान उसे काफी चोट भी आई। उसके शोर मचाने पर आसपास के ग्रामीणों मौके पर पहुंच गए और उन्होंने आरोपी की जमकर धुनाई करने के बाद पुलिस के हवाले कर दिया। ग्रामीण बालिका को 108 वाहन से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ले गए।
बालिका से दुष्कर्म के प्रयास की सूचना मिलने पर कई ग्रामीण पुलिस चौकी पहुंचे और आरोपी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने आरोपी को हवालात में डालकर कार्रवाई शुरू कर दी है।
आरोपी यहां एक फार्म में मदजूरी करता है। विधायक पुष्कर सिंह धामी ने भी पीड़ित बालिका के परिजनों से मिलकर उन्हें आरोपी के खिलाफ उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
दो घंटे बाद ली चिकित्सकों ने सुध
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक कितने संवेदनहीन हैं इसका पता इस बात से चलता है कि उन्होंने दो घंटे बाद पीड़ित बालिका की सुध ली। बालिका को 12.44 बजे अस्पताल में भर्ती कराया गया।
बच्ची बेसुध थी, करीब दो घंटे बाद महिला चिकित्सक अस्पताल पहुंची जबकि सभी चिकित्सकों के आवास अस्पताल परिसर में ही बने हुए हैं। फिर भी बच्ची के इलाज के लिए कोई भी डाक्टर तत्काल नहीं पहुंचा। इसे लेकर परिजनों और ग्रामीणों में जबर्दस्त आक्रोश है।