गंगा क्लोजर के दौरान अवैध रूप से यात्रियों को अस्थि प्रवाह कराकर उनसे मनमाने दाम वसूलने वालों की बन आई है। चूंकि गंगा किनारों पर थोड़ी बहुत बह रही हैं, अत: सभी घाटों पर अस्थि प्रवाह हो रहा है।
हरकी पैड़ी और कनखल के बजाए अन्य घाटों पर अस्थि प्रवाह कराने वाले असामाजिक तत्व सक्रिय हो गए हैं। तीर्थ पुरोहित एवं पुरोहितों की प्रतिनिधि संस्था गंगा सभा कई बार अवैध रूप से अस्थि प्रवाह कराने वालों को घाटों से खदेड़ चुकी हैं।
ठगने वाले युवकों की धुनाई
कनखल और बिरला घाट पर तो साधु-संतों ने भी यात्रियों को ठगने वाले युवकों की धुनाई कईं बार की। ये युवक यात्रियों को धोखा देकर उनके तीर्थ पुरोहित बन जाते हैं और चुपचाप अस्थि प्रवाह कराकर धन ऐंठ लेते हैं।
गंगा बंद हो जाने के बाद नीलधारा स्थित अनियमित घाटों पर अस्थि प्रवाह हो रहा है। आनंद वन समाधि के तट पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु अस्थि प्रवाह कर रहे हैं।
हरकी पैड़ी और कनखल में जल नहीं है
चूंकि हरकी पैड़ी और कनखल में जल नहीं है अत: जहां भी जगह मिल जाए, वहीं यात्री अस्थि प्रवाह करने को विवश हो रहे हैं। रोड़ी बेलवाला के मैदान से सटी गंगा में आधा दर्जन स्थानों पर अस्थि प्रवाह कराया जा रहा है।
चूंकि पुरोहित बनकर अस्थि प्रवाह कराने वाले यात्रियों से मनमानी राशि वसूलते हैं, अत: अस्थि प्रवाह कर यात्री अन्य कोई कर्मकांड किए बिना लौट रहे हैं।
जो यात्री कुशावर्त आदि घाटों पर कर्मकांड करने आते हैं वे अपने साथ हुई लूट का रोना रोते हैं। यह सिलसिला विगत वर्षों की भांति इस बार भी पूरे क्लोजर जारी रहने के आसार हैं।
गंगा जल बहुत कम मात्रा में बह रहा
गंगा सभा के महामंत्री वीरेंद्र श्रीकुंज का कहना है कि गंगा के चलते कईं बार अवैध अस्थि प्रवाह कराने वालों को घाटों से खदेड़ा गया है।
इस समय चूंकि गंगा जल बहुत कम मात्रा में कहीं-कहीं बह रहा है, अत: कोई नियंत्रण नहीं रहा है। प्रयत्न किया जाएगा कि एक दल बनाकर ऐसे लोगों को सबक सिखाया जाए जो यात्रियों को ठग रहे हैं।