हरदोई यूपी निवासी नवल किशोर के सात रिश्तेदारों की रामबाड़ा में मौत हो गई है। बीते रविवार को ये सभी बारिश में बचने के लिए एक खच्चर वाले के पास बैठे थे। तभी आपदा ने सभी को मौत की नींद सुला दिया।
मां, मत रो, मैं जिंदा हूं
कुछ ही दूरी पर ऊंची चोटी पर बैठा इनका नौकर राहुल और चालक राकेश बाल-बाल बच गए। चारों और मौत का मंजर होने के बावजूद राहुल अपने मालिकों के शवों को छोड़कर आगे नहीं बढ़ा।
राकेश भी उसके साथ है। राहुल ने वायरलेस के जरिये सूचना पहुंचाई तो हरदोई से नवल अंतिम संस्कार का सामान लेकर शुक्रवार को दून पहुंचे।
परिजनों को सूचना भिजवाई
नवल ने बताया कि उनके रिश्तेदार ओमप्रकाश पांडे (60), उनकी पत्नी सुषमा पांडे (55), बेटे अनुज (35), अनुज की बहु कुसुम (30), साली प्रेमलता (40), बेटी अंशु (8) और बेटे अभी (5) की रविवार को मौत हो गई थी। नौकर पिछले पांच दिनों से शवों को संभाल रहा है। उसने बृहस्पतिवार को परिजनों को सूचना भिजवाई।
उत्तराखंड आपदा की विशेष कवरेज
सहस्रधारा हेलीपैड पर मौजूद नवल काफी देर तक चॉपर में बैठने के लिए अधिकारियों और नेताओं से गुहार लगाते रहे। काफी मिन्नतों के बाद वे यहां से रामबाड़ा के लिए रवाना हो पाए।