राजधानी में फ्लाईओवर महज सपना बनकर रह गया है। शिलान्यास के लगभग चार माह बाद भी जमीन पर काम नहीं शुरू हो पाया है।
चार में से तीन का अभी तक तो डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) भी फाइन नहीं हो पाया है। इसको लेकर लोक निर्माण विभाग से लेकर प्रदेश सरकार तक की कार्यशैली पर सवाल खड़ा हो रहा है।
मार्च शुरू में ही प्रदेश के मुख्यमंत्री ने तीन फ्लाईओवर और एक आरओबी का शुभारंभ किया था। तब मंच से कहा गया था कि अगले एक माह बाद फ्लाईओवर का कार्य शुरू हो जाएगा। चार माह बीत चुका है। अभी तक चार में किसी भी फ्लाईओवर का कार्य शुरू नहीं हो पाया है।
बल्लीवाला, जोगीवाला और भंडारी बाग के लिए महज डीपीआर ही तैयार हो पाया है। इसको लेकर आगे कितने समय बाद कार्य शुरू हो पाएगा। यह बताने की स्थिति में कोई नहीं है। कारण यह है कि इसे बनाने का ठेका प्राइवेट कंपनी को दिया है।
ऐसे में लोक निर्माण विभाग के अधिकारी भी रुचि नहीं ले रहे। जबकि, प्राइवेट कंपनी से काम कराने का निर्णय तेजी से कार्य कराने और अंतरराष्ट्रीय स्तर की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए दिया गया था। तेजी से काम तो शुरू नहीं हुआ।
गुणवत्ता भविष्य में नजर आएगा। उधर आईएसबीटी के पास फ्लाईओवर बनाने का टेंडर किया जा चुका है। कभी भी यहां कार्य शुरू किया जा सकता है। यह फ्लाईओवर लोक निर्माण विभाग राष्ट्रीय राजमार्ग द्वारा बनाया जा रहा है।
भंडारी बाग का बदल दिया डिजाइन
भंडारी बाग में लोक निर्माण विभाग निर्माण खंड की ओर से रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) बनाने का प्रस्ताव किया गया था। ईपीआई कंपनी ने इस प्रस्ताव को बदलकर रेलवे अंडर ब्रिज (आरयूबी) कर दिया है।
तर्क दिया जा रहा है कि आरओबी बनाने की स्थिति में अधिक भूमि अधिग्रहण की जरूरत पड़ेगी। साथ ही मकान और अन्य संस्थान इसकी जद में आएंगे, जबकि आरयूबी बनाने की स्थिति में अधिक परिसंपत्तियां प्रभावित नहीं होंगी।
क्या कहतें हैं अधिकारीः
'आईएसबीटी के पास फ्लाईओवर का कार्य शुरू करने के लिए मशीनें मंगाई जा चुकी है। अगले तीन से चार दिन के भीतर कभी भी कार्य शुरू किया जा सकता है। कागजी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी है। अब केवल जमीन पर कार्य शुरू किया जाना है।'
हरिओम शर्मा, अधीक्षण अभियंता राष्ट्रीय राजमार्ग
'बल्लीवाला, जोगीवाला और भंडारीबाग आरयूबी बनाने के लिए प्राइवेट कंपनी द्वारा डीपीआर जमा किया जा चुका है। इसे चेक किया जा रहा है। डीपीआर फाइनल होने के बाद कार्य शुरू कराया जाएगा।'
ललित मोहन, प्रमुख अभियंता लोक निर्माण विभाग