पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के कथित स्टिंग के एक बार फिर से गरमाने के आसार है। कांग्रेस ने इस मामले पर अग्रिम मोर्चे पर रहते हुए मुकाबला करने का मन बनाया है।
रविवार को पूर्व मंत्री प्रीतम सिंह और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के मीडिया प्रभारी सुरेंद्र कुमार ने कथित स्टिंग को लेकर कई सवाल भाजपा पर दागे। बदले में स्टिंग में शामिल रहे उमेश जे कुमार ने भी इन सवालों का जवाब देते हुए कांग्रेस को कठघरे में खड़ा करने की कोशिश की।
बीजापुर में मीडिया से मुखातिब प्रीतम सिंह और सुरेंद्र कुमार ने कहा कि भाजपा बताए कि ये कथित स्टिंग भाजपा ने कराया था या किसी पत्रकार ने किया था? नेताओं ने यह भी पूछा कि स्टिंग की सीडी 72 घंटे बाद दिल्ली में प्रेस वार्ता में क्यों जारी की गई? सीडी के कुछ हिस्से ही दिखाए जा रहे हैं। नेताओं की ओर से कहा गया कि कथित स्टिंग में हरीश रावत अपनी तरफ से कोई डील करते नजर नहीं आ रहे हैं।
सीबीआई जांच के आदेश क्यों नहीं दिए हरीश रावत ने
इनकी ओर से पूछा गया कि कथित पत्रकार उमेश शर्मा क्या अपनी तरफ से ही 25-30 करोड़ रुपये की बोली लगाते नजर नहीं आ रहे हैं। यह भी कहा गया कि कथित स्टिंग में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत यह साफ कहते हुए दिख रहे हैं कि उनके पास पांच करोड़ रुपया भी नहीं है।
यह भी पूछा गया कि क्या इस तथाकथित सीडी की सारी बातचीत में लेनदेन की बात पर पल्ला झाड़ते हुए और टालते हुए हरीश रावत नहीं दिखाई दे रहे है?
यू ट्यूब पर साढ़े 22 मिनट का पूरा स्टिंग अपलोड
वहीं प्रेस बयान जारी कर उमेश शर्मा ने कहा कि अगर हरीश रावत ने स्टिंग में लेनदेन की बात को टालने का काम किया है तो फिर 26 मार्च की सुबह स्टिंग का प्रसारण होने के बाद भी 24 घंटे तक मुख्यमंत्री रहते हुए हरीश रावत ने सीबीआई जांच के आदेश क्यों नहीं दिए।
उमेश शर्मा का यह भी कहना है कि यह स्टिंग पूरी तरह से टीवी चैनल का ही है। सच्चाई को सामने लाने के लिए स्टिंग के कुछ हिस्से ही काफी है। यू ट्यूब पर साढ़े 22 मिनट का पूरा स्टिंग अपलोड किया जा चुका है।
उमेश शर्मा का कहना है कि कांग्रेस यह बताए कि पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत खरीदार बनकर क्यों पहुंचे और हरीश रावत के पास देने के लिए पांच करोड़ रुपये भी नहीं हैं तो फिर वे किस आधार पर 29 मार्च को टॉप अप के साथ पैसा देने की बात कर रहे हैं।