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जनता की जेब पर डाका, उत्तराखंड में महंगी हुई बिजली

Tue, 05 Apr 2016 08:15 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून

सार

  • राज्य में विद्युत दरें पांच प्रतिशत बढ़ी 
  • एक अप्रैल से लागू मानी जाएंगी संशोधित दरें
  • बीपीएल, कृषि और हिमाच्छादित क्षेत्र को राहत 
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विस्तार
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राज्य में बिजली दरों में बढ़ोतरी ने महंगाई से परेशान उपभोक्ताओं को एक और झटका दिया है। विद्युत नियामक आयोग ने घरेलू, व्यवसायिक और औद्योगिक श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए विद्युत दरों में ओवर आल पांच प्रतिशत की वृद्घि की है। 
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हालांकि इस वृद्धि से घरेलू कनेक्शनों पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा। सौ यूनिट की खपत पर प्रति यूनिट 2.40 रुपये की दर को बढ़ाकर 2.45 रुपये कर दिया है। इसके अलावा बीपीएल और कृषि संबंधित कार्यों के कनेक्शन वाली श्रेणी के उपभोक्ताओं को राहत दी है जबकि हिमाच्छादित क्षेत्र के उपभोक्ताओं के लिए कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। 

आयोग के चेयरमैन सुभाष कुमार ने मंगलवार शाम आईएसबीटी स्थित आयोग दफ्तर में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में इसकी जानकारी दी। आयोग के चेयरमैन ने बताया कि पावर कारपोरेशन द्वारा 1220 करोड़ के राजस्व अंतर की वसूली के लिए विद्युत दरों में 24.96 प्रतिशत की बढ़ोतरी प्रस्तावित की गई थी। 
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बर्फ से ढ़के रहने वाले क्षेत्रों में नहीं लगेगा कोई चार्ज

- फोटो : अमर उजाला
कारपोरेशन द्वारा भेजे गए आंकड़ों के परीक्षण और वर्ष 2016-17 के लिए वर्तमान दरों पर कुल प्रस्तावित बिक्री 5003.31 करोड़ रुपये आंकलित की गई है। 

जिसके बाद राजस्व हानि 249.56 करोड़ रहेगी। आयोग चेयरमैन ने कहा कि इस राजस्व हानि को दूर करने के लिए वार्षिक टैरिफ को पांच फीसदी बढ़ाना आवश्यक है। 

BPL में तीन रुपये की बढ़ोत्तरी
घरेलू उपभोक्ताओं के प्रति यूनिट चार्ज और फिक्स चार्ज में कनेक्शन की क्षमता के अनुसार पांच से 30 रुपये तक की वृद्घि की गई है। बीपीएल कनेक्शन वाली श्रेणी के उपभोक्ताओं के प्रति यूनिट चार्ज न बढ़ाकर राहत देने की कोशिश हुई है। हालांकि बीपीएल कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं के फिक्स चार्ज में तीन रुपये की बढ़ोतरी कर दी गई है।

इसी तरह, ज्यादातर समय बर्फ से ढके रहने वाले क्षेत्रों के लिए प्रति यूनिट चार्ज या फिक्स चार्ज दोनों में किसी तरह की वृद्धि नहीं की गई है। प्रेस कांफ्रेंस में आयोग की तकनीकी सदस्य केपी सिंह, सचिव नीरज सती, निदेशक प्रभात डिमरी आदि शामिल रहे।
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