उत्तराखंड में निकाय चुनाव में टिकट वितरण विवाद के बीच राज्य के मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा दिल्ली में पहुंच गए हैं।
वैसे उन्हें सोमवार को प्रशासनिक सुधार पर मुख्यमंत्रियों के सम्मेलन में हिस्सा लेना है, लेकिन उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिलने का समय मांगा है।
माना जा रहा है कि बहुगुणा टिकट बंटवारे पर सोनिया सहित पार्टी के कई अन्य नेताओं को सफाई देंगे।
गौरतलब है कि निकाय चुनावों में टिकट वितरण को लेकर उत्तराखंड कांग्रेस में विवाद शुरू हो गया है। राज्य से फैक्स के माध्यम से टिकट वितरण में मुख्यमंत्री की मनमानी की शिकायतें आलाकमान तक लगातार पहुंचाई जा रही हैं।
केंद्रीय मंत्री हरीश रावत का खेमा बहुगुणा खेमे पर बिना विचार-विमर्श किए बगैर टिकट बांटने का आरोप लगा रहा है। उधर, मुख्यमंत्री खेमे का दावा है कि टिकट वितरण से पहले राज्य के सभी प्रमुख नेताओं से बातचीत की गई।
रावत खेमे का कहना है कि मुख्यमंत्री ने बिना किसी चर्चा के रुड़की से राम अग्रवाल और देहरादून से सूर्यकांत धसमाना को मेयर पद का उम्मीदवार बनाया है।
अग्रवाल मूल रूप से जिंद के व्यवसायी हैं, जबकि सूर्यकांत उत्तराखंड आंदोलन के समय सपा में थे और तब उनके घर से चली गोली से एक आंदोलनकारी की मौत हो गई थी। इसके अलावा हल्द्वानी से राज्य की मंत्री इंदिरा हृदयेश के पुत्र को टिकट देने पर भी विवाद है।
उधर, बहुगुणा खेमा न केवल आरोपों से इंकार कर रहा है, बल्कि उसका दावा है कि लगभग सारे टिकट व्यापक बातचीत पर बनी सहमति के आधार पर बांटे गए।
इस खेमे का कहना है कि अगर बातचीत नहीं हुई होती और सहमति नहीं बनती तो हरिद्वार से मेयर पद के लिए रावत समर्थक संजय महंत को टिकट कैसे दिया जाता।