ऊधमसिंह नगर में बिगड़ी कानून व्यवस्था के प्रति नए डीजीपी भी गंभीर हैं। जिले में एक साथ लगातार बढ़ते अपराधों के ग्राफ ने जहां यह साबित कर दिया कि बदमाशों को पुलिस का खौफ नहीं, वहीं पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी कई बड़े सवाल खड़े हो गए। पदभार ग्रहण करने के बाद सोमवार को अपनी पहली वीडियो कांफ्रेंस में नवनियुक्त डीजीपी एमए गणपति ऊधमसिंह नगर जिले की बिगड़ती कानून व्यवस्था के प्रति गंभीर नजर आए।
विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक उन्होंने डीआईजी कुमाऊं पीएस सैलाल सहित जिले के आला अफसरों को साफ तौर पर नसीहत दे दी कि अगर अच्छी पुलिसिंग रहेगी तो अपराध का ग्राफ भी स्वत: ही घट जाएगा। डीजीपी ने यूं तो राज्य की पूरी पुलिस को एक्टिव रहने को कहा, लेकिन यूएस नगर पर उनका विशेष फोकस रहा है।
उन्होंने साफ तौर पर कहा कि अपराधों पर नियंत्रण के लिए पुलिस का खौफ अपराधियों में होना बहुत जरूरी है, इसके लिए पुलिस को बहुत ज्यादा मुस्तैद रहने की जरूरत है। जिले के सभी थाने चौकियों में पुलिसिंग और बेहतर होनी चाहिए। अच्छा काम करने वाले पुलिस कर्मियों का उत्साह वर्धन भी होना चाहिए, समय-समय पर उन्हें सम्मानित भी किया जाना जरूरी है।
वीडियो कांफ्रेसिंग में डीजीपी अपनी टीम को बेहतर टिप्स देते हुए एक अच्छे शिक्षक के तौर पर दिखे। जहां उनका नरम स्वभाव था वहीं अपराधों पर कैसे नियंत्रण करना है इसमें वह कड़क अंदाज में भी दिखे। यूएस नगर में जब सीओ की कमी की बात कही गई तो डीजीपी ने कहा सीओ और फोर्स की कमी को जल्द पूरा कर दिया जाएगा।
सरेआम दो बड़ी लूट की घटनाओं ने दहलाया
12 अप्रैल को भरी दोपहरी में रुद्रपुर के सिडकुल क्षेत्र में अशोका लीलैंड कंपनी के गेट से बाइक सवार बदमाशों ने लेबर सप्लायर के दो सुपरवाइजरों को गोली मारकर 12.50 लाख रुपये लूट लिए। इस घटना की अभी पुलिस मौके पर पड़ताल कर ही रही थी कि ठीक डेढ़ घंटे के भीतर बिंदुखेड़ा में बदमाशों ने राइस मिलर्स से नई होंडा सिटी कार और साढ़े तीन लाख रुपये लूट लिए। दिनदहाड़े हुई दो बड़ी लूट की वारदात ने शहर में असुरक्षा का माहौल पैदा कर दिया।
दूसरे दिन भी फिर बड़ी वारदात
रुद्रपुर में दो बड़ी घटनाओं के अगले दिन 13 अप्रैल की दोपहर ढाई बजे काशीपुर रोड स्थित अग्रवाल होटल के बाहर टप्पेबाजों ने शहर के एक बड़े प्रापर्टी डीलर की कार का शीशी तोड़कर साढ़े तीन लाख रुपये उड़ा लिए। इसके बाद यूएस नगर में कानून व्यवस्था पटरी से उतर गई। खटीमा, सितारगंज और काशीपुर में भी कई बड़ी घटनाओं को बदमाशों ने बेखौफ होकर अंजाम दिया।
...तो कब तक एसओ विहीन रहेगा आईटीआई थाना
रुद्रपुर में 28 अप्रैल को आईटीआई थाना प्रभारी कमलेश भट्ट को महिला के योनशोषण के आरोप में एसएसीपी अनंत शंकर ताकवाले ने लाइनहाजिर कर रातोंरात पुलिस लाइन में सीसीटीएनएस के प्रभारी रजत कसाना को आईटीआई थाने का एसओ बना दिया। कसाना ने भी रात को ही आईटीआई थाने में ज्वाइनिंग ले ली।
उसके बाद एक मई के तड़के एसएसपी के निरीक्षण में गैरहाजिर पाए गए एसओ कसाना को लाइन हाजिर कर दिया। अब कुछ ऊंची पहुंच के चौकी-प्रभारी बने बैठे दरोगाओं की नजर आईटीआई थाने पर टिक गई है। फिलहाल अभी आईटीआई थाना एसओ विहीन है।