निचली अदालत की ओर से उत्तराखंड के हल्द्वानी में लाडली (काल्पनिक नाम) के साथ बलात्कार और उसकी हत्या के मामले में फांसी की सजा पाए अभियुक्त को कोर्ट ने नोटिस जारी कर संबंधित अदालत का रिकार्ड हाईकोर्ट में तलब किया है।
मुख्य न्यायाधीश केएम जोसेफ एवं न्यायमूर्ति वीके बिष्ट की संयुक्त खंडपीठ के समक्ष बुधवार को मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार विशेष न्यायाधीश पॉक्सो प्रीतू शर्मा की अदालत ने 11 मार्च 2016 को लाडली के बलात्कारी अख्तर अली को फांसी की सजा सुनाई थी तथा उसके सहयोगी को अदालत ने पांच साल की सजा के साथ जुर्माना भी लगया था।
पिथौरागढ़ के कारोबारी का परिवार 20 नवंबर 2014 को हल्द्वानी के शीशमहल में शादी समारोह में आया था। उसकी छह साल की बेटी समारोह में चाट खाने के बाद पानी पीने के लिए गई। तभी समय अभियुक्त ने उसका अपहरण कर लिया। 25 नवंबर 2014 को लाडली का शव गौलापार झाड़ियों में मिला था।
अदालत ने लाडली से बलात्कार के मामले में मुख्य अभियुक्त अख्तर अली को धारा 363 अपहरण के तहत सात साल की कैद और पांच हजार का जुर्माना, धारा 201 साक्ष्य छिपाने के तहत सात साल और पांच हजार रूपये का जुर्माना, आईटी एक्ट 66ग के तहत तीन वर्ष की सजा और धारा 376 क के तहत फांसी की सजा सुनाई।
इस फांसी की सजा को सरकार ने हाईकोर्ट में पुष्टि के लिए भेजा था, जिसमें हाईकोर्ट ने विपक्षी को नोटिस तथा विचारण अदालत का रिकार्ड हाईकोर्ट में तलब किया है।