संविधान के अपमान के मामले में उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में जिला एवं सत्र न्यायालय ने समाज सेवी अन्ना हजारे सहित छह को नोटिस जारी कर कोर्ट में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने को कहा है।
मामले की अगली सुनवाई 12 अगस्त को होगी।
ओखला, नई दिल्ली से प्रकाशित पुस्तक लोकपाल फैक्ट्स एंड आरग्यूमेंटस के पेज नंबर दो पर अन्ना हजारे की टिप्पणी ‘यदि भारत का संविधान भ्रष्टाचार निरोधक कानून के दायरे में आता है तो संविधान को कूड़े में फेंक दो’ को लेकर अधिवक्ता रूपनारायण सोनकर ने याचिका दायर की थी।
इस मामले में अन्ना हजारे, अरविंद केजरीवाल, कुमार विश्वास, लेखक पारस बेकटेश्वर राव व प्रकाशक नरेंद्र कुमार सहित सरकार को पक्षकार बनाया गया है।