हिमालय पुत्र हेमवती नंदन बहुगुणा के आदर्शों को आधार बनाकर कांग्रेस उनके पुत्र उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा की राजनीतिक जमीन कमजोर करने की जुगत में है।
कांग्रेस का कहना है कि स्वर्गीय बहुगुणा पूरी उम्र सांप्रदायिक ताकतों के खिलाफ संघर्ष करते रहे, लेकिन उनके बेटे ने उनके आदर्शों के उल्ट सत्ता के लालच में इन्हीं ताकतों का हाथ थाम लिया। कांग्रेस हिमालय पुत्र के बहाने बागियों को जवाब देने की तैयारी में है। हेमवती नंदन बहुगुणा की जयंती पर आयोजित सामाजिक समरसता कार्यक्रम में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने इसके संकेत भी दिए।
सूत्र बताते हैं कि कांग्रेस में इस बात पर मंथन चल रहा है कि पूर्व सीएम विजय बहुगुणा को राष्ट्रीय राजनीति की धुरी और पहाड़ में लोकप्रिय रहे स्वर्गीय एचएन बहुगुणा के नाम पर जनता में इमोशनल सपोर्ट लेने से कैसे रोका जाए? सियासी हलकों में यह माना जाता है कि पिता के नाम पर ही विजय बहुगुणा की राजनीतिक जमीन मजबूत हुई है। कांग्रेस सीधे तौर पर जनता में यह संदेश देना चाहती है कि विजय बहुगुणा, स्व. बहुगुणा के उसूलों के ठीक उल्टे आचरण कर रहे हैं।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि इस बात को जनता के बीच ले जाएंगे कि अपने उसूलों के लिए हमेशा निजी हितों को तिलांजलि देने वाले हिमालय पुत्र स्वर्गीय बहुगुणा के नाम पर राजनीति करने वाले आज उत्तराखंड में अस्थिरता का माहौल खड़ा कर रहे हैं। कांग्रेस ने रैलियों, मशाल जुलूस, प्रदर्शनों और जागरूकता यात्राओं के माध्यम से इसका सच जनता को बताने को अपनी रणनीति में शामिल किया है।
हरिद्वार रोड स्थित एक वेडिंग प्वाइंट में हेमवती नंदन बहुगुणा मानव विकास ट्रस्ट द्वारा आयोजित सामाजिक समरसता सम्मेलन में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय इस मुद्दे पर इशारों ही इशारों में बहुत कुछ कह गए।
किशोर ने कहा कि स्वर्गीय एचएन बहुगुणा जी ने पूरे जीवन कभी सांप्रदायिक ताकतों से हाथ नहीं मिलाया। इसके लिए सत्ता का लालच भी कभी नहीं किया। आज उन्हीं के पुत्र विजय बहुगुणा कुर्सी के मोह में सांप्रदायिक शक्तियों का साथ देकर उनके सिद्धांतों पर कुठाराघात कर रहे हैं।