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राजनीति: अजय कोठियाल होंगे उत्तराखंड में 'आप' के सीएम पद के उम्मीदवार, किस ताकत के भरोसे सत्ता परिवर्तन का सपना देख रही है पार्टी

सार

आम आदमी पार्टी ने पिछले छह महीने से राज्य में मुहिम चलाकर अपना प्रचार कर रही है। बिजली-पानी की घोषणा के साथ स्वच्छ राजनीति का उसका दावा उसे कुछ सफलता दिला सकता है...
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कर्नल (रिटायर्ड) अजय कोठियाल - फोटो : AmarUjala (फाइल)
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विस्तार
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कर्नल (रिटायर्ड) अजय कोठियाल आम आदमी पार्टी की तरफ से उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री पद का चेहरा होंगे। पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को इसकी घोषणा की। उन्होंने कहा कि अजय कोठियाल बेहद ईमानदार सेना अधिकारी रहे हैं। वे उत्तराखंड को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में कामयाब रहेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तराखंड के निर्माण के समय जो सपना देखा गया था, वह यहां की भ्रष्ट राजनीति के कारण सफल नहीं हो पाया है, लेकिन कर्नल अजय कोठियाल लोगों के उस सपने को पूरा करने का दम रखते हैं।

क्या है आम आदमी पार्टी की ताकत

दरअसल, आम आदमी पार्टी ने साल भर पहले ही उत्तराखंड के विधानसभा चुनाव में पूरी मजबूती के साथ उतरने की रणनीति बना ली थी। इसके अंतर्गत उसने छोटी-छोटी इकाइयों में पार्टी की नीतियों और दिल्ली मॉडल का प्रचार लोगों के बीच करना शुरू कर दिया। दिल्ली में काम करने वाले युवा उसकी ताकत बन गए जो यहां की योजनाओं के बारे में राज्य में चर्चा करते हैं।

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आम आदमी पार्टी की चुनावी राजनीति को धार देने में कर्नल अजय कोठियाल बड़ा कारण बने। राज्य के युवाओं के बीच वे एक आइकन के रूप में देखे जाते हैं। वे लंबे समय से अपने निजी संगठन के माध्यम से युवाओं को नौकरी दिलाने का काम करते रहे हैं। उनका पूर्व में किया गया यह काम आज उनकी राजनीतिक पारी में एक बैलेंस के रूप में काम कर रहा है।

पिछले दिनों जब मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल उत्तराखंड आए, उन्होंने राज्य में सरकार बनने के बाद लोगों को 300 यूनिट बिजली मुफ्त देने का वायदा किया। उनकी इस घोषणा के बाद आम आदमी पार्टी अचानक उत्तराखंड की राजनीति के केंद्र में आ गई। वह लोगों के बीच न केवल चर्चा का केंद्र बनी, बल्कि भाजपा-कांग्रेस को भी उस पर हमला कर अपना बचाव करना पड़ा।

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दलित-मुस्लिमों के बीच घूम रहे आप कार्यकर्ता

केजरीवाल की घोषणा के बाद से ही आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता दलित बस्तियों और मुस्लिम जनाधार वाली सीटों पर घूम रहे हैं। वे लोगों से फॉर्म भरवाकर उन्हें 300 यूनिट बिजली मुफ्त देने का वायदा कर रहे हैं। कोरोना काल में राज्य सरकार के कामकाज, कांग्रेस शासन में हुए कथित भ्रष्टाचार और राज्य के युवाओं के बीच लगातार बढ़ रही बेरोजगारी ने आम आदमी पार्टी की चुनावी राजनीति में धार दी है।

आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता लोगों के बीच दिल्ली मॉडल बेच रहे हैं। वे उन्हें बता रहे हैं कि अगर उत्तराखंड में भी आम आदमी पार्टी की सरकार बनी तो उनके बच्चे दिल्ली के सरकारी स्कूलों की तरह उच्च स्तर के स्कूलों में पढ़ेंगे। विश्लेषक मान रहे हैं कि आम आदमी पार्टी की इस रणनीति का लाभ मिल सकता है। एक बड़ा वोटर वर्ग उसकी तरफ झुक सकता है।

कोठियाल ने नौकरी का किया वादा

मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद कर्नल अजय कोठियाल ने कहा कि उन पर भरोसा जताने के लिए वे अरविंद केजरीवाल का धन्यवाद करते हैं। उन्होंने कहा कि सेना में रहते हुए भी वे अपने राज्य के युवाओं को प्रशिक्षित कर रोजगार मुहैया कराने का काम किया करते थे। लेकिन वह सब अपना वेतन देकर किया जाता था। अगर उत्तराखंड की जनता उन्हें सेवा करने का अवसर देती है तो वे इस मुहिम को पुरजोर तरीके से आगे बढ़ाएंगे।
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पर्यटन करने आते हैं अरविंद केजरीवाल

वहीं, भाजपा नेता नेहा जोशी ने अमर उजाला से कहा कि उत्तराखंड का मौसम बहुत अच्छा होता है। यही कारण है कि पूरे देश से लोग यहां पर्यटन के लिए आते हैं। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल भी यहां पर्यटन के लिए ही आते हैं। उन्हें भी मालूम है कि इस राज्य में आम आदमी पार्टी का कोई भविष्य नहीं है क्योंकि उत्तराखंड के स्वाभिमानी लोग मुफ्त बिजली-पानी की योजना के लिए उनको वोट नहीं करेंगे।

भाजपा नेता ने कहा कि आम आदमी पार्टी इस राज्य में तीन बार चुनाव लड़ चुकी है। सभी चुनावों में आम आदमी पार्टी के सभी उम्मीदवारों की जमानत जब्त हुई है। उन्होंने दावा किया कि अगर आम आदमी पार्टी विधानसभा चुनाव में उतरती है तो इस बार भी उसका वही हाल होगा।

नेहा जोशी ने कहा कि आम आदमी पार्टी की राजनीति का गढ़ दिल्ली है। लेकिन पिछले विधानसभा चुनाव में ही उत्तराखंड के एक युवा चेहरे रवि नेगी ने आम आदमी पार्टी के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को लगभग हार की कगार पर ला दिया था। उन्होंने कहा कि अगर आम आदमी पार्टी का सबसे मजबूत चेहरा एक पहाड़ी युवा के सामने नहीं टिक पाया, तो बाकी उम्मीदवारों का क्या हाल होगा, इसे समझा जा सकता है।
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