चीनी सेना द्वारा बार-बार भारतीय सीमा में घुसपैठ के मामले बढ़ते जा रहे हैं, लेकिन सरकार अभी भी चेतने को राजी नहीं है। हालिया कुछ समय में चीनी सेना ने उत्तराखंड के बाराहोती इलाके में 37 दफा घुसपैठ की है, जिसकी पुष्टि सेना भी कर रही है।
कुछ करो सरकार
उत्तराखंड के साथ लगी 350 किलोमीटर लंबी चीन सीमा में घुसपैठ का मामला सांसद तरुण विजय ने राज्यसभा में उठाया है।
तरुण विजय ने उत्तराखंड सीमा पर विकास योजनाओं की धीमी रफ्तार और सीमा पार चीन की पक्की सड़कों के निर्माण को चिंताजनक करार दिया है।
37 बार हुई घुसपैठ
सांसद ने बाराहोती में अब तक 37 बार चीन सेना की घुसपैठ के बावजूद सरकार के कोई कदम न उठाने पर कड़ी आपत्ति जताई है। सांसद ने हिमालय क्षेत्र विकास प्राधिकरण बनाने की मांग उठाई है।
उत्तराखंड की चीन से सटी सीमा पर अधिकांश क्षेत्रों के लिए कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है। सांसद ने बताया कि दूसरी तरफ चीन ने मिलम सीमा तक पक्की सड़क बना ली है।
सीमा पर चीन ने बनाए बंकर
सीमा पर चीन के पक्के बंकर हैं। सांसद ने इस बात पर चिंता जताई है कि उत्तराखंड के सीमावर्ती क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाएं तक सरकार नहीं दे पा रही है, जिससे समूचा क्षेत्र आबादी विहीन होता जा रहा है।
चिकित्सा, शिक्षा, पेयजल, बिजली जैसी कोई सुविधा सीमावर्ती गांवों में नहीं है। ऐसे में वहां लोगों का पलायन करना स्वाभाविक है।
सीमावर्ती इलाकों में हो विकास
सांसद ने मांग की है कि ऐसी स्थितियों को देखते हुए केंद्र हिमालय क्षेत्र विकास प्राधिकरण का गठन करे, जिसमें सभी संबंधित मंत्रालयों के प्रतिनिधि हों जबकि यह रक्षा मंत्रालय के अधीन आए।
उन्होंने कहा कि प्राधिकरण का मुख्य कार्य सीमावर्ती क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं का ढांचा खड़ा करने का हो, जिससे वहां स्थानीय लोगों को पलायन रुके।