संपत्ति की जांच के मामले में अब कांग्रेस ने भाजपा पर पलटवार किया है। रविवार को बीजापुर में पूर्व गृह मंत्री प्रीतम सिंह और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के मीडिया सलाहकार सुरेंद्र कुमार ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की किसी भी संपत्ति की जांच के लिए पार्टी तैयार है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने खुद ही उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से पांच सदस्यों का गैर राजनीतिक जांच आयोग बनाने की मांग की है। कांग्रेस इस मांग का समर्थन करती है और यह भी मांग करती है कि 2007 से लेकर अब तक के सूबे के प्रत्येक मुख्यमंत्री की संपत्ति की जांच की जाए।
साथ ही कांग्रेस ने बजट सत्र के दौरान लाए गए बेनामी संपत्ति का अध्यादेश राज्यपाल से जारी करने की भी मांग की। मीडिया से मुखातिब हुए प्रीतम सिंह और सुरेंद्र कुमार ने कहा कि जांच आयोग में कम से कम एक व्यक्ति न्यायिक क्षेत्र से होना चाहिए। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की किसी भी संपत्ति की जांच के लिए लिए पार्टी तैयार है।
भाजाप प्रदेश अध्यक्ष ने की रावत की संपत्ति जांच की मांग
मामले में स्वतंत्र निष्पक्ष आयोग गठित करने के लिए नैनीताल उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से मांग की जानी चाहिए। उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की संपत्ति की जांच की मांग की थी। संपत्ति का मामला पहले से ही प्रदेश में सियासत के केंद्र में रहा है।
इससे पहले प्रदेश कांग्रेस संगठन ने भी अपने नेताओं की संपत्ति का ब्यौरा सार्वजनिक करने का इरादा जताया था। मंत्रियों की ओर से कोई दिलचस्पी न दिखाए जाने पर कांग्रेस को उस समय हरीश रावत पर ही दाव खेलना पड़ा था। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने उस समय हरीश रावत की संपत्ति का ब्यौरा कांग्रेस भवन में सार्वजनिक किया था।
इसके बाद कांग्रेस किसी और नेता की संपत्ति की ब्यौरा सामने नहीं रख पाई। हालांकि बजट सत्र के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री ने बेनामी संपत्ति से संबंधित विधेयक को सदन में रखा था। अब राज्यपाल को चाहिए कि इस पर अध्यादेश जारी करे।