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यो हिमाल मां जा शिव को सौरास, पार्वती को मैत...

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चामी चौमेल के आषाढ़ी महोत्सव में कार्यक्रम प्रस्तुत करते कलाकार। - फोटो : LOHAGHAT
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चामी चौमेल के आषाढ़ी महोत्सव में स्कूली बच्चों और सांस्कृतिक कलाकारों ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुति देकर दर्शकों को झूमने के लिए विवश कर दिया।
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प्रधानाचार्य प्रताप सिंह अधिकारी के निर्देशन में सरस्वती शिशु मंदिर चौमेल की छात्रा शैलजा, मोनिका, रिया बिष्ट, रिया पंवार, करिश्मा, शिवानी ने छम छमा बाजनी हो छम घुंघरी बाज ला... गीत पर शानदार नृत्य की प्रस्तुति पर खूब तालियां बटोरी। मोनिका, करिश्मा, शिवानी, रिया, शैलजा ने देशभक्ति गीत सर पे हिमालय का छत्र है, चरणों में नदियां एकत्र है... गीत को सराहा गया।
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श्री पूर्णागिरि देव भूमि उत्थान समिति के दल नायक राजेंद्र मेहता के नेतृत्व में कलाकारों ने यो हिमाल मां जा शिव को सौरास, पार्वती को मैत... वंदना से कार्यक्रमों का शुभारंभ किया। कलाकार रवि राज, उमेश कुमार, गणेश पुजारा, राज कुमार, किशोर कांछा, मनोज ने रानीखेत राम ढोला, तेरी रंग्याली पिछौड़ी कमू, तेरी रंग्याली पिछौड़ी ला, हाय चवनी बूटा छाजी रै कमू जी रये, हाय काकड़ी झिले मां नूण पिसो सिले मां, कांछ तेरो जलेबी को डाब, ओ हिमा जाग आदि कुमांऊनी, गढ़वाली, नेपाली गीतों की झड़ी लगा दी, जिस पर दर्शक झूमने को मजबूर हो गए।
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