बनबसा (चंपावत)। म्यांमार में फंसे भारतीय युवकों को सुरक्षित वापस नहीं ला पाने से उनके माता-पिता, अभिभावकों और परिजनों में सरकार के प्रति रोष है। परिजन अपने बच्चों को वापसी की प्रतीक्षा में दिन व्यतीत कर रहे हैं। कई परिजनों ने बताया कि उनके बच्चों को वहां प्रताड़ित तक किया जा रहा है। बनबसा के भी तीन युवक म्यांमार में फंसे हैं।
बनबसा और खटीमा के कुछ युवकों को खटीमा के एक एजेंट ने बैंकाक में नौकरी दिलाने के लिए भेजा था। वे एजेंट के बुलाने पर दो माह पूर्व 28 अप्रैल को दिल्ली पहुंचे थे। इसके बाद औपचारिकताएं पूरी कर उन्हें 25 मई को बैंकाक भेजा गया। वे 30 मई को म्यांमार पहुंच गए। जहां उन्हें बंधक बनाया गया है। तब से उनके परिजन परेशान हैं। बनबसा के म्यांमार में फंसे तीन युवकों के परिजन अपने बच्चों की वापसी को लेकर चिंतित हैं। संवाद