मां पूर्णागिरि धाम के मुख्य मंदिर में स्थापित देवी मां की मूर्ति।
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टनकपुर (चंपावत)। मां पूर्णागिरि धाम में पानी का संकट जल्द दूर होगा। जलकुनिया-पूर्णागिरि गुरुत्व पेयजल योजना की मंजूरी और बजट मिलने के बाद पेयजल निर्माण निगम ने ऑनलाइन टेंडर जारी कर दिए हैं। 13 दिसंबर को निविदाएं खुलने के सप्ताहभर बाद निर्माण कार्य शुरू करवा दिया जाएगा।
मां पूर्णागिरि धाम का चैत्र नवरात्र में लगने वाला मेला होली के अगले दिन से शुरू होकर करीब तीन माह तक चलता है। मेले में लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है।
हर साल ठीक मेला अवधि में पानी का संकट होता है। इससे निपटने के लिए पहले शारदा नदी से लिफ्ट पेयजल योजना के निर्माण की कवायद शुरू हुई लेकिन लागत अधिक आने से इस प्रस्ताव को रद्द कर दिया गया।
वर्ष 2019 में मंदिर समिति के तत्कालीन अध्यक्ष पं. भुवन चंद्र पांडेय ने जलकुनिया (श्यामलाताल) से पूर्णागिरि तक गुरुत्व योजना का प्रस्ताव विभाग को सुझाया, जिसे शासन ने मंजूरी दे दी।
पेयजल निर्माण निगम के ईई वीके पाल ने बताया कि 3.97 करोड़ रुपये की 14 किमी लंबी इस योजना के लिए 20 नवंबर को ऑनलाइन टेंडर जारी हुए हैं। 13 दिसंबर को निविदाएं खोली जाएंगी। टेंडर आवंटन की कार्रवाई पूरी होने के एक सप्ताह बाद ही योजना का निर्माण शुरू करवा दिया जाएगा।
मंदिर समिति ने जताई खुशी
टनकपुर (चंपावत)। जलकुनिया पेयजल योजना के टेंडर जारी होने पर मंदिर समिति और धाम के पुजारियों ने खुशी जता मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और विधायक कैलाश गहतोड़ी का आभार जताया है।
मंदिर समिति अध्यक्ष किशन तिवारी, उपाध्यक्ष नीरज पांडेय, सचिव सुरेश तिवारी, कोषाध्यक्ष नवीन तिवारी के साथ समिति के पूर्व अध्यक्ष पं. भुवन चंद्र पांडेय का कहना है कि जलकुनिया पेयजल योजना के बनने से धाम में पानी की सबसे बड़ी समस्या दूर होगी। धाम के लोगों को पानी के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा और श्रद्धालुओं को भी राहत मिलेगी।