चंपावत। जिले के बच्चों में विटामिन ए की कमी से दृष्टि दोष के मामले सामने आ रही है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) की रिपोर्ट के अनुसार जिले में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सरकारी विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों में शून्य से 18 वर्ष के बच्चों की जांच का। अधिकतर बच्चों में दृष्टि दोष की बीमारी पाई। इसमें अभी तक 58 बच्चे में दृष्टि दोष पाया गया। जांच जारी है।
विशेषज्ञों के अनुसार बचपन से स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता की कमी और बच्चों में पौष्टिक आहार का सेवन न करना इसका कारण हैं। इसके अलावा बच्चों में लगातार मोबाइल और टीवी देखना भी एक कारण है। नेत्र विशेषज्ञ डॉ. विराज राठी ने बताया कि विटामिन ए की समय से डोज नहीं मिलने से भी दृष्टि दोष होता है। यह अक्सर दूर दराज के गांव के बच्चों में विटामिन ए की डोज नहीं मिलने से होता है।
बच्चों में वायरल बुखार के तेज अटैक आने पर 102 से ऊपर पारा जाने से भी बच्चों में धुंधलापन महसूस होता है। इससे बच्चों की आंखों की रोशनी जाती है। इससे बच्चों के दृष्टि दोष होने का खतरा बढ़ता जा रहा है। कई बच्चों की आंखों पर नजर का चश्मा लगा चुके हैं।