तल्लापाल क्षेत्र के संदिग्ध मरीज का परीक्षण करने के बाद चंपावत जिला अस्पताल में वार्ता करते डॉ. ब
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चंपावत। पिछले साल दिसंबर में गुजरात से आए तल्लापाल क्षेत्र के एक व्यक्ति के इलाज के लिए गांव के एक अस्पताल में जाने पर कुछ लोगों ने बवाल काट दिया। हंगामे के बाद शुक्रवार को जिला अस्पताल से मौके पर पहुंची वरिष्ठ डॉ. बैंकटेश द्विवेदी और डॉ. गिजेंद्र चौहान के नेतृत्व में एंबुलेंस के साथ गई रेपिड एक्शन टीम ने गुजरात से आए युवक व पूरे परिवार का स्वास्थ्य परीक्षण किया, जिसमें कोरोना वायरस जैसी कोई शुरुआती लक्षण भी नहीं पाए गए।
टीम ने बताया कि गुजरात में काम करने वाला तल्लापाल क्षेत्र का एक युवक दिसंबर 2019 में अपने गांव आया। बुजुर्ग पिता की बीमारी पर वह युवक शुरू में अपने गांव के एक दवाखाने से दवा लेता रहा। इस बीच उस दुकान के बंद होने से वह राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित दूसरे गांव के अस्पताल में चला गया। पिता की दवा लेने के बाद उसने खुद का भी परीक्षण कराया। इसी दौरान आसपास के लोगों को उसके गुजरात से आने की जानकारी लगी, तो गांव के कई लोगों ने कोरोना वायरस के डर से हंगामा काट दिया। बृहस्पतिवार शाम को डॉ. मनीष बिष्ट ने भी परीक्षण किया।
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. आरके जोशी ने हालात के मद्देनजर शुक्रवार को वरिष्ठ डॉक्टरों की टीम भेजी। टीम ने परीक्षण के बाद कोरोना वायरस को लेकर किसी भी तरह के आशंका को खारिज किया। सीएमएस ने कहा कि बाहर से आए व्यक्ति के संपर्क में आने के बाद बुखार, खांसी, थकान व सांस लेने में तकलीफ कोरोना के लक्षण हो सकते हैं। लेकिन इसकी पुष्टि कोरोना की हल्द्वानी में जांच के बाद ही मुमकिन है। उन्होंने किसी तह की दहशत के बजाय सजग, सतर्क व जागरूक रहने की नसीहत दी है।