चंपावत। उपनल कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के बैनर तले विभिन्न विभागों के कर्मियों ने सात सूत्री मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार और धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार उनकी मांगों की लगातार अनदेखी कर रही है। कर्मियों ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में दाखिल एसएलपी को वापस लेते हुए नैनीताल हाईकोर्ट के वर्ष 2018 में दिए गए आदेश को लागू किया जाए। चेतावनी दी कि मांगें पूरी होने तक कार्य बहिष्कार जारी रहेगा।
मंगलवार को डीएम कार्यालय परिसर में उपनल कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के बैनर तले कई विभागों के कर्मियों ने एकत्र होकर नारे लगाए। वक्ताओं ने कहा कि लंबे समय से उनकी विभिन्न मांगों को लेकर सिर्फ कोरे आश्वासन दिए जा रहे हैं। अल्प वेतन में परिवार का भरण पोषण मुश्किल होता जा रहा है।
उन्होंने कहा कि मांगों को लेकर लंबे समय से आवाज उठाई जा रही है लेकिन सरकार कोई समारात्मक कार्यवाही नहीं कर रही है। यहां तक कि उन्हें समय से वेतन तक नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उनकी मांगें नहीं मानी गई तो उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। धरना-प्रदर्शन करने वालों में संदीप कलखुड़िया, मनोज बिष्ट, शंकर जोशी, नरेंद्र खोलिया, राजेंद्र सिंह महर, दीपक सिंह खाती, मदन सिंह महर आदि शामिल रहे।
पिथौरागढ़ में भी कार्य बहिष्कार कर नारेबाजी की
पिथौरागढ़। उपनल कर्मचारी संयुक्त मोर्चा कर्मियों का कार्य बहिष्कार दूसरे दिन भी जारी रहा। मंगलवार को विभिन्न विभागों में कार्यरत उपनल कर्मियों ने कलक्ट्रेट स्थित अधिसूचित धरना स्थल पर पहुंचकर प्रदर्शन किया। उनकी मांगों को उत्तराखंड उपनल कर्मचारी संविदा संघ, रमसा, विद्युत संघ ने भी समर्थन दिया। प्रदर्शन करने वालों में जिला संयोजक हिम्मत सिंह, त्रिभुवन बसेड़ा, राजेंद्र सिंह, दिनेश पंत, हेम पाटनी, नरेंद्र कुमार, सुरेश चंद्र भट्ट, मनोज मेहता आदि उपनल कर्मी मौजूद रहे। संवाद
ये हैं प्रमुख मांगें
उपनल कर्मियों के वेतन में 20 फीसदी वृद्धि प्रति वर्ष की जाए।
मृतक आश्रितों को नौकरी दी जाए।
पांच वर्ष पूरे कर चुके कर्मियों के पद सृजित किए जाएं।
माध्यमिक शिक्षा में कार्यरत प्रयोगशाला सहायकों को उच्च शिक्षा की तरह कुशल श्रेणी में रखा जाए।
ऊर्जा निगम में स्थगित महंगाई भत्ते को बहाल कर राज्य के सभी विभागों में इसे लागू किया जाए।
आंशिक रूप से रहा काम प्रभावित
चंपावत। जिले के सभी उपनल सविंदा कर्मियों के हड़ताल पर जाने से विभिन्न विभागों में आंशिक रूप से काम प्रभावित रहा। स्वास्थ्य, सेवायोजना, उच्च शिक्षा, उद्यान, लोनिवि, वाहन चालक, आपदा, पीएमजीएसवाई, विकास भवन, आरईएस, बाल विकास आदि विभागों के कर्मचारी कार्य बहिष्कार पर हैं। संवाद