टनकपुर (चंपावत)। बाघ और वन्यजीवों के आकलन का दो दिनी प्रशिक्षण बृहस्पतिवार को संपन्न हो गया। भारतीय वन्यजीव संस्थान देहरादून (डब्ल्यूआईआई) एवं जूलॉजिकल सोसायटी (जेडएसएल) के विशेषज्ञों ने फील्ड में वनकर्मियों को प्रायोगिक तरीकों से वन्यजीव आकलन एवं गश्त के तरीकों की बारीकियां समझाईं। समापन नंधौर वन्यजीव अभयारण्य के उपनिदेशक रामकृष्ण मौर्य ने किया।
ककराली गेट के द्वान बीट में बृहस्पतिवार को डब्ल्यूआईआई के विशेषज्ञों ने वन कर्मियों को जंगल में ले जाकर वन्यजीव आकलन के प्रायोगिक तरीके बताए। उन्होंने वन कर्मियों को जंगल में गश्त की भी तकनीकी जानकारी दी। विशेषज्ञ डॉ. हरीश गुलेरिया, डॉ. नवीन जोशी, डॉ. रिचा सिंह, विवेक रंजन, अजय चौहान, हिमांशु कुमार, देवेंद्र ने वन कर्मियों को प्रशिक्षण दिया। वहां हल्द्वानी वन प्रभाग शारदा रेंज के रेंजर महेश सिंह बिष्ट, उपराजिक कैलाश गुणवंत, वन दरोगा महेश सिंह अधिकारी, सुरेंद्र सिंह बोरा, कैलाश सिंह बिष्ट आदि थे।
छीनीगोठ में हाथियों ने रौंदी फसल
टनकपुर (चंपावत)। गेहूं की फसल बढ़ते ही छीनीगोठ में हाथियों का आतंक बढ़ने लगा है। हाथियों ने बुधवार रात गांव में घुसकर किसानों की खेतों में खड़ी फसल रौंद दी। ग्राम प्रधान पूजा जोशी ने बताया कि हाथियों ने ग्रामीण पुष्कर तिवारी, दिनेश चंद्र जोशी, मथुरा दत्त बवाड़ी, दीपक जुकरिया, प्रकाश जोशी, दीपक जोशी, प्रकाश बोहरा, सुरेश बिष्ट, जानकी भंडारी, विकास तिवारी, मदन भट्ट आदि 19 ग्रामीणों की फसल नष्ट की है। ग्रामीणों ने वन विभाग से पीड़ित ग्रामीणों को उचित मुआवजा देकर गांव की सीमा पर सोलर फेंसिंग लगाने की मांग की है।