चंपावत में सुशासन की जानकारी देते विशेषज्ञ। संवाद न्यूज एजेंसी
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चंपावत। सार्वजनिक सेवा वितरण में सुधार लाने, सुशासन और नागरिक केंद्रित प्रशासन को बढ़ावा देने के लिए जिला सभागार में दो दिनी सुशासन कार्यशाला आयोजित की गई। इसका समापन शनिवार को किया गया। इस कार्यशाला में हाल ही में सरकारी सेवा में भर्ती हुए कर्मचारियों को सुशासन के लिए लक्ष्य निर्धारित कर कार्य करने का आह्वान किया गया।
शिविर के दूसरे दिन शनिवार को मास्टर ट्रेनर डायट प्रवक्ता लता आर्या ने बताया कि व्यापक ऑनलाइन संशोधित मॉड्यूल के लिए प्रेरण प्रशिक्षण दिया गया। इसके तहत प्रत्येक प्रतिभागी को डीओपीटी की वेबसाइट पर निर्धारित 15 ई-मॉड्यूल पर कार्य करने के लिए 60 दिन का समय दिया गया है। बताया कि प्रशिक्षण का उद्देश्य कर्मचारियों को व्यक्तिगत और संगठनात्मक मूल्य, समय प्रबंधन, तनाव प्रबंधन, नेतृत्व, टीम वर्क, लोगों की परेशानियों को दूर कर निर्णय लेने की क्षमता संबंधी जानकारियां दी गईं। इसके साथ ही संचार, विरोधाभास, भावनात्मक बुद्धि, प्रेरणा, कार्यालय की प्रक्रियाएं आदि विषयों की जानकारी दी गई। इस दौरान प्रशिक्षण ले रहे प्रतिभागियों को ई-मॉड्यूल पर कार्य करने के लिए कंप्यूटर पर भी प्रशिक्षण दिया गया। बताया गया कि प्रेरण प्रशिक्षण कार्यक्रम को छह राज्यों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया गया है। इनमें महाराष्ट्र, तमिलनाडु, असम, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, हरियाणा शामिल हैं। अब उत्तराखंड राज्य में भी सभी कार्मिकों को सुशासन के लिए प्रेरण प्रशिक्षण शुरू किया गया है। इस मौके पर एडीएम शिवचरण द्विवेदी, सहायक परियोजना निदेशक विम्मी जोशी सहित विभिन्न विभागों के कर्मचारी मौजूद रहे।