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एनएच पर टनकपुर-चंपावत के बीच 105 घंटे बाद शुरू हुई आवाजाही

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टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्वांला से मलबा हटाए जाने के बाद पांचवें दिन बुधवार शाम ? - फोटो : CHAMPAWAT
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चंपावत/लोहाघाट। 24 जुलाई सुबह 11 बजे से बंद टनकपुर-चंपावत सड़क आखिरकार बुधवार शाम को खुल गई। स्वांला पर आए मलबे को हटाने के साथ ही शाम सात बजे से आवाजाही शुरू हो गई। फंसे मालवाहक वाहनों के आने का सिलसिला शुरू हो गया है। सड़क खुलने से लोगों को राहत मिली है। सड़क खुलने के बावजूद इस जगह पर रूक-रूक कर अभी भी पत्थर गिरने से आवाजाही जोखिम भरी बनी हुई है। वहीं टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) पर लोहाघाट और घाट के बीच भारतोली से मलबे को नहीं हटाया जा सका है।
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बुधवार को दिन भर भी सड़क बंद होने से लोगों को दुश्वारी झेलनी पड़ रही है। लोगों को मैदानी क्षेत्र टनकपुर जाने के लिए हल्द्वानी होते हुए और पिथौरागढ़ जाने के लिए अल्मोड़ा होते हुए आगे बढना पड़ा। सब्जी, किराना और अन्य जरूरी सामान भी देवीधुरा होते हुए यहां पहुंचने से सब्जी की कीमतों में 25 से 50 प्रतिशत तक की अधिक चपत पड़ रही है। वहीं जिले के चार ग्रामीण सड़कें भी अभी नहीं खोली जा सकी है। वहीं रोडवेज के लोहाघाट डिपो ने बुधवार को आठ बसे संचालित की।
लोहाघाट के विधायक और राष्ट्रीय राजमार्ग खंड तथा आरजीबीएल कंपनी विवाद के चलते बीते दो दिन काम बाधित रहा। अलबत्ता बुधवार सुबह भारतोली के पास सड़क पर 30 मीटर हिस्से में आए मलबे को हटाने का काम शुरू हुआ। खोलका, संतोला में मलबे को हटा लिया गया, लेकिन बीच-बीच में पहाड़ी से पत्थर आने से मलबा देर शाम तक नहीं हटाया जा सका था। ईई एलडी मथेला ने बताया कि भारतोली में तीन मशीनें लगाकर काम किया जा रहा है। लेकिन काम के दौरान भी पहाड़ी से पत्थर भी गिरने से अवरोध हो रहा है। वहीं आरजीबीएल कंपनी के वाइस चेयरमैन नरेंद्र चौहान ने बताया कि रविवार को हुए विवाद के बाद पुलिस बल की मौजूदगी के बीच परियोजना प्रबंधक एके सिंह के नेतृत्व में पूरी टीम सड़क खोलने के काम में जुटी है।
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रोडवेज के एजीएम नरेंद्र कुमार गौतम ने बताया कि चार (बरेली के लिए दो, दिल्ली और देहरादून के लिए एक-एक) बसें टनकपुर से भेजी गई। जबकि देवीधुरा होते हुए चार (दिल्ली, देहरादून नैनीताल और हल्द्वानी) बसें चलाई गई। चंपावत और लोहाघाट बाजार में भीड़भाड़ कम होने का असर कारोबार पर भी पड़ रहा है।
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