टनकपुर(चंपावत)। मां पूर्णागिरि मेले के पहले दिन ही बूम से लेकर भैरव मंदिर तक की पार्किंग फुल रहीं। दोपहर बाद मेले में श्रद्धालुओं का आना बढ़ गया। पैदल मार्ग पर भी खासी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही रही। मुख्य मंदिर में सोमवार रात दो बजे से श्रद्धालुओं की लाइन लगनी शुरू हो गई थी।
धाम क्षेत्र में होली की रात सोमवार से ही खासी संख्या में वाहनों से श्रद्धालुओं के आने का क्रम शुरू हुआ जो मंगलवार को मेले के शुभारंभ के बाद और तेज हो गया। इस बीच प्रशासन की ओर से अस्पताल, खोया-पाया केंद्र, प्याऊ, पुलिस सुरक्षा, सफाई आदि कार्य शुरू हो गए। सोमवार देर रात से ककराली गेट से मुख्य मंदिर तक प्रशासन की ओर से लाइट भी चालू करा दी गई। इससे श्रद्धालुओं को काफी सहूलियत मिल रही है। मंदिर समिति के अध्यक्ष किशन तिवारी ने बताया कि सुबह मंदिर की सफाई के लिए कुछ समय को छोड़कर 24 घंटे दर्शन के लिए मंदिर खुला रहेगा।
छह जगह लगे भंडारे
टनकपुर। जिला पंचायत की ओर से ठुलीगाड़ में निर्धारित भंडारा स्थल पर छह जगहों पर संस्थाओं और समाजसेवियों ने भंडारे लगाए। मेले के शुभारंभ पर रुलीगाड़ में भंडारा शुरू होते ही श्रद्धालुअें ने भोजन और फल आदि प्रसाद ग्रहण किया। बूम में भी भंडारे के लिए अगल से स्थान बनाया गया है। चैत्र नवरात्र में अधिक संख्या में भंडारा लगने की संभावना है। संवाद
बोले श्रद्धालु- मां करती हॅं उनकी मुराद पूरी
पूर्णागिरि धामटनकपुर। मां पूर्णागिरि मेले में होली खत्म होते ही यूपी के अनेक जिलों से मां के दर्शन के लिए आए श्रद्धालु खासे उत्साहित नजर आए। संभल से 15 वर्षों से लगातार परिवार के साथ आ रहीं ममता ने बताया कि मां के दर्शन के लिए संभल से एक बस से करीब 65 लोग आए हैं। वे लोग हर साल आते हॅैं, मां उनकी मुराद पूरी करती हैं। इसी तरह चंदौसी से से आए जगदीश ने बताया कि उनका परिवार खेती करता है। वह होली खत्म होते ही सेामवार को यहां आए और आज (मंगलवार) मां के दर्शन किए। इसी तरह अयोध्या, बाराबंकी, लखनऊ, बरेली, शाहजहांपुर, पीलीभीत समेत अनेक स्थानों से श्रद्धालुओं के जत्थे मां के जयकारों के साथ आगे बढ़ते रहे। इससे माहौल भक्तिमय बना रहा। संवाद