वट सावित्री अमावस्या पर रविवार को महिलाओं ने वट वृक्ष की पूजा की। पति की दीर्घायु और अखंड सौभाग्य की कामना करते हुए व्रत रखा। चंपावत में बालेश्वर मंदिर में पंडित खिलानंद पांडेय और तनुज जोशी ने महिलाओं को पूजा-अर्चना कराई। घरों में भी पूजन हुआ।
लोहाघाट ओली भवन में पंडित ललित मोहन पांडेय के पौरोहित्य में पूजा-अर्चना हुई। सुंई के भगवती मंदिर में महिलाओं ने सामूहिक रूप से पूजा हुई। टनकपुर, बनबसा क्षेत्र में भी वट सावित्री पर्व उल्लास के साथ मनाया गया। वट वृक्ष की पूजा के लिए सुबह से ही व्रतधारी सुहागिन महिलाओं का वट वृक्षों पर तांता लगा रहा। उन्होंने विधि-विधान से वट वृक्ष का पूजन किया। माना जाता है कि वट सावित्री पर्व की महत्ता सती सावित्री द्वारा पति के प्राणों की रक्षा से जुड़ी हुई है।