चंपावत। जिला प्रशासन, एनएच, आपदा प्रबंधन, सिंचाई विभाग और विशेषज्ञों ने भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बन रहे ड्राई पोर्ट का निरीक्षण किया। एसडीएम पूर्णागिरी (टनकपुर) आकाश जोशी ने बताया कि जिले के ग्राम देवीपुरा से महेंद्रनगर को बन रहे ड्राई पोर्ट के कार्य से मानसून काल में हुई अतिवृष्टि से परगना क्षेत्र में जल भराव की स्थिति उत्पन्न हुई।
विशेषज्ञों की टीम ने बताया कि ड्राई पोर्ट से पुरानी जल निकासी की व्यवस्था बाधित हुई है, इससे क्षेत्र में वर्षा का एकत्रित जल और जगपुड़ा नदी का जल देवीपुरा, पचपकरिया और गुदमी में भर गया। जल भराव के निदान के लिए डीएम नवनीत पांडे की अध्यक्षता में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की प्रोफेसर सीपी ओझा, एनएच प्राधिकरण, जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन और सिंचाई विभाग के साथ बैठक कर ड्राई पोर्ट के डिजाइन और जल भराव की स्थिति का अध्ययन कर आपसी समन्वय से डिजाइन पर फिर से विचार विमर्श किया जाए। ड्राई पोर्ट का डिजाइन इस प्रकार बनाया जाएगा, इससे नदियों की प्राकृतिक संरचना पर कोई प्रभाव न पड़े।