पिथौरागढ़/लोहाघाट। शवयात्रा में रामेश्वर गए सिमतखेत के एक व्यक्ति की सरयू में डूबने से मौत हो गई है। पुलिस, दमकल कर्मियों, एसडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों ने कड़ी मशक्कत के बाद शव को नदी से बरामद किया।
बृहस्पतिवार शाम को सिमलखेत के सोबन सिंह (51) पुत्र दीवान सिंह गांव से शवयात्रा में रामेश्वर घाट गए थे। नहाने के दौरान अचानक सरयू नदी के तेज बहाव में आने से सोबन सिंह बह गए। नदी में तैरते सोबन को लोगों ने बचाने की कोशिश की लेकिन वह नाकाम रहे। सूचना पर एसओ मनीष खत्री, एसआई देवेंद्र मनराल, एलएफएम मोहन थापा, बाल मुकुंद राणा, राजेश खर्कवाल, चंचल सिंह, प्रकाश रेंसवाल आदि के साथ एसडीआरएफ और स्थानीय गोताखोर गोकुल लुंठी और राजेश मेहता ने देर रात तक सर्च अभियान चलाया। देर रात नदी किनारे सोबन का शव दिखाई दिया। रात अधिक होने के चलते शव नदी से नहीं निकाला जा सका। शुक्रवार सुबह शव को रामपौढ़ी के पास से निकालकर पोस्टमार्टम के लिए लोहाघाट लाया गया, जहां पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव को परिजनों को सौंप दिया।
दो माह पूर्व डूबी महिला का अब तक नहीं लगा पता
लोहाघाट (चंपावत)। विकासखंड बाराकोट के पाड़ासोंसेरा में नदी में बही गीता देवी (35) पत्नी नारायण सिंह का करीब दो माह बाद भी कोई पता नहीं चल सका है। घास काटकर घर लौटते समय 20 जुलाई को गीता नदी के तेज बहाव में बह गई थी। राजस्व पुलिस, दमकल कर्मियों और स्थानीय लोगों ने उसकी ढूंढखोज की लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका है। तहसीलदार विजय गोस्वामी ने बताया कि गीता के नदी में बहने के मामले में मजिस्ट्रेटी जांच चल रही है। संवाद
लोगों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं
लोहाघाट (चंपावत)। रामेश्वर, पंचेश्वर क्षेत्र में लोगों के नदी में बहने की कई घटनाएं होने के बावजूद प्रशासन की ओर से लोगों की सुरक्षा के लिए कोई पुख्ता कदम नहीं उठाए गए हैं। प्रशासन की ओर से न तो नदियों के किनारे खतरे वाले स्थानों पर चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं, न ही जल पुलिस या अन्य कोई व्यवस्था है। इससे नदी में बहने के बाद बचने की संभावनाएं बहुत कम हैं।