राज्य वित्त आयोग की राशि से ग्राम पंचायतों को बाहर करने से प्रधानों में गहरी नाराजगी है। इसे लेकर प्रधान संगठन ने मंगलवार को जोरदार प्रदर्शन किया। बाद में मोटर स्टेशन में मुख्यमंत्री का पुतला फूंका गया। साथ ही जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर शासनादेश वापस नहीं लेने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई, जिसके तहत 15 जनवरी 2016 को ब्लॉक मुख्यालय की तालाबंदी के बाद सामूहिक रूप से इस्तीफा देने का अल्टीमेटम दिया गया।
प्रधान संगठन का कहना है कि ग्राम पंचायतों की वित्तीय स्थिति पहले से ही बुरे हाल में है, मगर राज्य वित्त आयोग से पंचायतों को मिलने वाली धनराशि से भी सरकार उन्हें वंचित कर रही है। इससे उनकी पंचायतों के विकास कार्य प्रभावित होगी। प्रधानों ने पंचायतीराज अधिनियम को कड़ाई से लागू करने की मांग की। विरोध-प्रदर्शन में चंपावत ब्लाक अध्यक्ष सुरेंद्र नाथ, बाराकोट के अध्यक्ष गिरीश सिंह, केशव दत्त मौनी, दीपा देवी, रेखा भट्ट, पूजा, ममता बिष्ट, सरस्वती देवी, देवकी देवी, विनोद वर्मा, राजेश, हेमा देवी, नारायण दत्त, अनीता देवी, बसंती रैंसवाल आदि थे।