टनकपुर (चंपावत)। टनकपुर-चंपावत राजमार्ग पर आ रहा हमलावर तेंदुआ बुधवार शाम ट्रेंकुलाइजर गन के निशाने पर आ गया लेकिन बेहोशी की एक डोज लगने के बावजूद वह पहाड़ी की ओर भाग गया। दो दिन तक खोजने के बावजूद तेंदुआ नहीं मिल सका। उसके सामान्य स्थिति में आकर भागने की आशंका है।
राजमार्ग पर आठवें मील के आसपास हमलावर तेंदुआ ढाई माह में दोपहिया वाहन पर सवार 13 लोगों को घायल कर चुका है। अब 25 सितंबर की शाम स्कूटी सवार पर हमले के बाद वन विभाग ने तेंदुए को ट्रेंकुलाइजर गन से बेहोश कर पकड़ने की कवायद शुरू की है।
बूम के रेंजर गुलजार हुसैन ने बताया कि बुधवार शाम साढ़े सात बजे आठवें मील और अमरू बैंड के बीच टीम ने बंदूक से तेंदुए को बेहोशी की एक डोज दी। इसके बावजूद वह भाग गया।
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डोज लगने के बाद एक घंटे तक रहता है बेहोशी का असर
हमलावर तेंदुए को बेहोश कर पकड़ने के लिए नैनीताल जू की ट्रेंकुलाइजर टीम आई है। इसमें शामिल डॉ. हिमांशु पांगती और डॉ. भरत ने बताया कि डोज लगने के 25 मिनट बाद तेंदुआ 35 मिनट तक बेहोश रहता है। डोज लगने के बाद वह दस मिनट तक चल सकता है लेकिन वह हमला करने की स्थिति में नहीं रहता।