पिथौरागढ़ थाने में तैनात लोहाघाट निवासी सिपाही ने अपने एक दोस्त के साथ न्यायिक बंदीगृह में जमकर हंगामा किया। आरोप है कि सिपाही ने अपने साथी के साथ बंदीगृह में तैनात सुरक्षा कर्मियों के साथ मारपीट की। दोनों आरोपी नशे में थे। आरोपियों के खिलाफ लोहाघाट थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। अदालत ने दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
लोहाघाट थाने के मुताबिक शनिवार रात न्यायिक बंदीगृह में दो लोग आए। आरोप है कि इन्होंने ड्यूटी पर तैनात पांच सुरक्षा कर्मियों के साथ मारपीट कर जबरन लॉकअप में घुसने और सरकारी काम में बाधा डालने का प्रयास किया। सुरक्षा कर्मियों ने दोनों आरोपियों को दबोच लिया। सूचना पर थानेदार मनोज रतूड़ी दल-बल के साथ बंदीगृह पहुंचे। पुलिस ने दोनों आरोपियों से पूछताछ की तो पिथौरागढ़ में तैनात पुलिस कर्मी ने अपना नाम-पता गलत बताया।
एसओ रतूड़ी ने पिथौरागढ़ थाने में तस्दीक की तो पता चला कि आरोपी पुलिस कर्मी जिस नाम को बता रहा था, वह सिपाही पिथौरागढ़ में मौजूद था। सख्ती से पूछताछ करने पर आरोपी पुलिस कर्मी ने सही नाम पता बताया। थानेदार ने बताया कि दोनों आरोपी नशे में थे। गार्ड कमांडर बिजेंद्र सिंह की ओर से तहरीर के आधार पर पिथौरागढ़ थाने में तैनात लोहाघाट निवासी सिपाही नीरज सिंह और डिग्री कॉलेज रोड निवासी संजय जोशी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 452, 332, 353, 323 एवं 427 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। सीजेएम कोर्ट में पेश करने के बाद रविवार को दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
एसओ ने बताया कि नीरज कुछ अन्य सिपाहियों के साथ पिथौरागढ़ के एक कैदी को लेकर देहरादून के मानसिक अस्पताल गया था। इस वक्त वह देहरादून में ही कैदी की सुरक्षा में तैनात था, लेकिन वह ड्यूटी कट कर अपने घर लोहाघाट पहुंच गया। इस मामले की जानकारी पिथौरागढ़ की पुलिस को दे दी गई है।