सीमांत गांवों में मची गौरा महोत्सव की धूम
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नेपाल सीमा से लगे गांवों में गौरा महोत्सव की धूम मची हुई है। सुनकुरी, डुंगरालेटी, जमरसों, सुल्ला, पासम, देवकूड़ा, लुपड़ा, नरसों, जिंडी, जुजरी, निडिल आदि गांवों में गौरा का गायन जोर शोर से चल रहा है। इस दौरान महाभारत कालीन गीतों का गायन किया जा रहा है।
महिलाओं ने ‘लाइना लाइना लाई ग्यो गौरा मेरा संख्या दोर, हेरी आयूं फेरी आयूं, वां लगे ना पायो मेरो संख्या दोर’ चाचरी प्रस्तुत की। पुरुषों ने ‘सौ बाय सौ लाय कुंती ले यज्ञ लिखो साली कुंती ले रिखियो न्यूत बौलाय छह’ गीत पेश किए। सुनकरी में विक्रम सिंह, नर सिंह सौन, उमेद सिंह, खीम सिंह आदि गायन में लोग जुटे हुए हैं। ब्लॉक प्रमुख योगेश मेहता और जिला पंचायत सदस्य पुष्कर बोहरा ने पासम गांव में गौरा महोत्सव का उद्घाटन किया।
ब्लॉक प्रमुख ने मंदिर के सुंदरीकरण के लिए डेढ़ लाख रुपये देने की घोषणा की। उधर, बाराकोट के नौमाना गांव में भी गौरा महोत्सव की धूम मची हुई है। भाना देवी, तुलसी देवी, भागीरथी देवी, जानकी देवी, देवकी देवी के नेतृत्व में महिलाओं की ओर से ‘फूल हजारी को फूल तै फूल देवी चढूंला’ आदि गीतों से गौरा महेश की स्तुति की जा रही है।