चंपावत। जिले के सीमांत दुबड़जैनल क्षेत्र में एक अनूठे अंतरजातीय विवाह का मामला प्रकाश में आया है। जिसमें शनिवार को दुल्हन थाने से अपने ससुराल के लिए विदा हुई। हुआ यूं कि सीमांत के चौड़ी रमैला निवासी दिनेश सिंह बोहरा (21) पुत्र दीवान सिंह बोहरा और दुबड़ जैनल की अनुसूचित जाति परिवार की मंजू (21) पुत्री लक्ष्मण राम के बीच बीते एक साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था। लेकिन अलग-अलग जाति के होने के कारण यह लोग आपस में विवाह नहीं कर पा रहे थे।
दोनों ने शनिवार को घर से भागकर मंदिर में शादी करने का निर्णय लिया। लेकिन परिजनों को इसकी भनक लग गई और उन्होंने पुलिस को सूचना दे दी। जिसके बाद पुलिस दिनेश और मंजू को थाने ले आई और दोनों के परिजनों को थाने बुलाया गया। परिजनों, पुलिस और अन्य जनप्रतिनिधियों के तमाम समझाने पर जब दोनों ही नहीं माने तो सभी लोगों ने एक राय से दोनों के विवाह की सहमति दे दी। इसके बाद दोनों एक दूसरे को फूलों की माला पहना कर विवाह की रस्म पूरी की। दोनों ही परिवारों की माली हालात कमजोर होने के कारण थानाध्यक्ष दीवान सिंह ग्वाल, प्रमोद सिंह, पवन, अशोक, रंजीत राणा, हयात सिंह धौनी, दिलीप सिंह महर, सुंदर सिंह, बची सिंह, बैनी सिंह, गौरी देवी आदि ने आपस में चंदा जुटाकर आर्थिक मदद जुटाकर दूल्हा-दुल्हन को थाने से विदा किया।
अंतरजातीय विवाह पर मिलता है अनुदान
चंपावत। समाज कल्याण विभाग की ओर से अंतरजातिय विवाह को प्रोत्साहन देने के लिए पचास हजार रुपये की अनुदान राशि दी जाती है। इसके लिए ऐसे नवदंपती को विभाग में आवेदन करना होगा। सीमांत क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने दिनेश सिंह और मंजू देवी को भी घर गृहस्थी बसाने के लिए अनुदान की राशि दिए जाने की मांग उठाई है। (संवाद)