टनकपुर (चंपावत)। सरकारी केंद्रों में धान की खरीद का लक्ष्य पूरा होने के बाद खरीद बंद हो गई है। जबकि कुछ किसान अभी धान नहीं बेच पाए हैं। जिसे देखते हुए खरीद की एजेंसी ने आरएफसी को खरीद लक्ष्य बढ़ाने का प्रस्ताव भेजा है। इधर आरएफसी की ओर से खरीद लक्ष्य बढ़ने की उम्मीद जता रही है।
शासन के आदेश के बाद इस बार टनकपुर और बनबसा में गत 16 अक्टूबर से धान की खरीद शुरू हुई थी। आरएफसी से तय लक्ष्य के मुताबिक टनकपुर में 3500 क्विंटल तो बनबसा में 9000 क्विंटल धान की खरीद का लक्ष्य तय था। इसके लिए खरी एजेंसी टनकपुर साधन सहकारी समिति ने टनकपुर में मंडी समिति तो बनबसा में स्ट्रांग फार्म परिसर में खरीद केंद्र खोला था। करीब सवा माह तक चली खरीद में दोनों केंद्रों में खरीद का लक्ष्य पूरा होने के बाद अब धान की खरीद बंद कर दी गई है। साधन सहकारी समिति के सचिव दीनानाथ वर्मा ने बताया कि इस वर्ष बनबसा केंद्र में खरीद लक्ष्य 9000 क्विंटल पूरा होने के बाद 1000 क्विंटल और लक्ष्य बढ़ाया गया था, जबकि टनकपुर केंद्र में 3500 क्विंटल के सापेक्ष 3576 क्विंटल धान की खरीद की गई है। उन्होंने बताया कि खरीद लक्ष्य पूरा होने से बनबसा क्षेत्र के कुछ किसानों का करीब तीन से पांच सौ क्विंटल धान बिकना रहा गया है, जिसके लिए खरीद लक्ष्य बढ़ाने को आरएफसी को प्रस्ताव भेजा गया है। उन्होंने धान की खरीद में किसी तरह की धांधली और जांच से इंकार किया है।
धान खरीद का लक्ष्य तय करने वाली संस्था आरएफसी ने भी टनकपुर, बनबसा में धान खरीद में किसी तरह की धांधली और जांच से इंकार किया है। उनका कहना है कि टनकपुर, बनबसा ही नहीं पूरे राज्य में इस बार धान की खरीद लक्ष्य से अधिक हुई है। इसकी जांच की बात बुनियाद है। अलबत्ता अभी खरीद का लक्ष्य बढ़ने की उम्मीद है। - केसी आर्या वरिष्ठ वितरण निरीक्षक