चंपावत। ग्रामीण डाक सेवकों की हड़ताल दूसरे दिन बुधवार को भी जारी रही। जिले के 360 ग्रामीण शाखा डाकघरोंं में से 20 को छोड़ अधिकांश में ताले लटके रहे। सात सूत्री मांगों को लेकर दूसरे दिन जारी बेमियाद हड़ताल से डाकघरों में तालाबंदी से कामकाज ठप होने के साथ ही ग्रामीण क्षेत्र में लोगों की परेशानी भी बढ़ गई है।
संगठन के अध्यक्ष भास्कर सिंह धामी, कार्यकारी अध्यक्ष नारायण चंद, भुवन जोशी, कर्ण बहादुर, त्रिलोक सिंह, ललित धामी, ललित बसेड़ा आदि ने शाखा डाकघर के समक्ष प्रदर्शन किया। हड़ताल से डाक की छंटाई से लेकर चिट्ठी-पत्री, पंजीकृत पत्र, स्पीड पोस्ट, पार्सल आदि का वितरण नहीं हो सकेगा। इसके अलावा आरडी (आवर्ती खाता), सुकन्या समृद्धि योजना, ग्रामीण डाक बीमा सहित अन्य कामों पर भी मार पड़ी है। चंपावत डाकघर के पोस्टर मास्टर जगदीश पांडे का कहना है कि ग्रामीण डाक सेवकों की हड़ताल से काम पर असर पड़ा है।
सात सूत्री मांगों के लिए ग्रामीण डाक सेवक डटे
पिथौरागढ़। अखिल भारतीय ग्रामीण डाक सेवक संघ का सात सूत्री मांगों को लेकर धरना जारी है। ग्रामीण डाक सेवकों की हड़ताल से डाक वितरण समेत किसी तरह का काम नहीं हो रहा है। जिला सचिव चरण सिंह बिष्ट के नेतृत्व में ग्रामीण डाक सेवकों ने सरकार के खिलाफ नारे लगाए। वक्ताओं ने कहा कि कमलेश चंद्र कमेटी की सिफारिशों के अनुसार समयबद्ध, सामूहिक बीमा कवरेज की धनराशि पांच लाख तक बढ़ाने, विभागीय कर्मियों के समान ग्रेज्युटी, सवैतनिक अवकाश को 180 दिन तक नगदीकरण करने आदि समस्याओं का समाधान किया जाना है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से वह इसकी मांग कर रहे हैं, लेकिन आज तक कार्यवाही नहीं हुई। संवाद