सेंट फ्रांसिस इंटर कॉलेज में शिक्षा विभाग की टीम ने अभिभावकों द्वारा शुल्क को लेकर विद्यालय प्रबंधन पर लगाए आरोपों की जांच की। टीम ने विद्यालय द्वारा वसूली गई हॉस्टल फीस लौटाने के साथ ही वार्षिक शुल्क तिमाही किश्तों में लेने और तिमाही में वसूली जाने वाली ट्यूशन फीस हर माह लेने के निर्देश दिए। विद्यालय प्रबंधन को अभिभावकों की खुली बैठक आयोजित कर शीघ्र विद्यालय प्रबंध कमेटी गठित कर कमेटी के फैसले पर ही आय-व्यय तय करने को कहा गया है। तीन माह का अतिरिक्त शुल्क वसूलने के आरोप की जांच के लिए विद्यालय के अभिलेख कब्जे में लिए गए हैं।
अभिभावकों ने सेंट फ्रांसिस स्कूल पर फीस के नाम पर शोषण करने का आरोप लगाया था, इस पर जिलाधिकारी डा. अहमद इकबाल ने मुख्य शिक्षा अधिकारी को जांच के आदेश दिए थे। शुक्रवार को मुख्य शिक्षा अधिकारी आरसी पुरोहित, जिला शिक्षा अधिकारी सत्यनारायण, खंड शिक्षा अधिकारी अंशुल बिष्ट, समन्वयक देवी दत्त जोशी ने अभिभावकों की मौजूदगी में विद्यालय प्रबंधन से बिंदुवार पूछताछ की। विद्यालय प्रबंधन द्वारा हर छात्र से एक-एक हजार रुपये हॉस्टल फीस लेना पाया गया, जिसे फौरन लौटाने के निर्देश दिए गए हैं। पुन: प्रवेश और 13 माह की फीस लेने का आरोप गलत साबित हुआ। मार्च, अप्रैल और मई का शुल्क अतिरिक्त लेनेे के आरोप की जांच के लिए अभिलेख कब्जे में लिए गए हैं। विद्यालय में सीएमसी का गठन न करने को गंभीरता से लेते हुए मुख्य शिक्षा अधिकारी ने प्रबंधन को शीघ्र अभिभावकों की खुली बैठक बुलाकर सीएमसी का गठन करने और सीएमसी के निर्णय पर ही आय-व्यय तय करने के निर्देश दिए। इस दौरान विद्यालय के प्रबंधक ब्रदर सोजन, प्रधानाचार्य ब्रदर बरियाम दास के अलावा अवधेश जायसवाल, हरीश कलौनी, केदार सामंत समेत काफी संख्या में अभिभावक मौजूद थे।